पश्चिम बंगाल में रैपिड रेल नेटवर्क की मांग, भाजपा सांसद ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र

19 Sep 2026 13:24:53
शमिक


कोलकाता, 19 सितंबर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने बंगाल में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) शुरू करने के प्रस्ताव को लेकर केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर को एक पत्र लिखा है।

पत्र के अनुसार, सांसद ने दक्षिण बंगाल के प्रमुख शहरों को राजधानी कोलकाता से जोड़ने के लिए इस उच्च गति वाली मेट्रो-जैसी रेल परियोजना की वकालत की है। उन्होंने एक विस्तृत अध्ययन और प्रारंभिक व्यवहार्यता रिपोर्ट भी मंत्री को सौंपी है, ताकि राज्य में बढ़ती भीड़भाड़ और पारंपरिक रेलवे की समस्या का समाधान किया जा सके।

परिवहन शोधकर्ताओं सौरदीप सरकार और अद्रि रॉय चौधरी द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में कोलकाता के मैदान इलाके को केंद्र (हब) बनाते हुए चार प्रमुख मार्गों का सुझाव दिया गया है। पहले मार्ग में कोलकाता से कल्याणी, कृष्णानगर होते हुए मायापुर तक 135 किलोमीटर लंबी लाइन का प्रस्ताव है। दूसरे मार्ग के तहत कोलकाता से बर्दवान और दुर्गापुर होते हुए आसनसोल तक 232 किलोमीटर का नेटवर्क बिछाने की बात कही गई है, जिसमें आसनसोल और दुर्गापुर के लिए समर्पित मेट्रो प्रणाली भी शामिल है। तीसरा मार्ग कोलकाता से फलता, डायमंड हार्बर होते हुए हल्दिया को जोड़ेगा, जिसकी लंबाई 102 किलोमीटर होगी। वहीं, चौथा मार्ग संतरागाछी, कोलाघाट और खड़गपुर होते हुए मेदिनीपुर तक 135 किलोमीटर लंबा होगा।

पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि दुर्गापुर, आसनसोल, खड़गपुर, कृष्णानगर और हल्दिया जैसे शहर अब बड़े औद्योगिक, व्यापारिक, बंदरगाह और पर्यटन केंद्र बन चुके हैं। भूमि अधिग्रहण को कम करने के लिए इन नए मार्गों को मौजूदा राजमार्गों और रेलवे लाइनों के समानांतर बनाने का सुझाव दिया गया है। इसके साथ ही, परियोजना के क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम की तर्ज पर भारत सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार के संयुक्त स्वामित्व वाली एक विशेष संस्था 'पश्चिम बंगाल रैपिड ट्रांजिट कॉर्पोरेशन' के गठन की भी सिफारिश की गई है।

सांसद ने मंत्री से इस प्रस्ताव की विस्तृत इंजीनियरिंग, मांग पूर्वानुमान और वित्तीय विश्लेषण कराने का आग्रह किया है ताकि इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाया जा सके।----------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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