एम्स में सर्जरी के लिए 13 सालों के इंतजार के बाद 15 वर्षीय तन्वी की मौत, प्रशासन ने गठित की जांच कमेटी

02 Sep 2026 20:15:53
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नई दिल्ली, 02 सितंबर (हि.स.)।

राजस्थान के कोटा की रहने वाली 15 वर्षीय तन्वी ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सर्जरी के लिए 13 सालों के इंतजार करते हुए मंगलवार को दम तोड़ दिया। तन्वी बचपन से ही एक जटिल जन्मजात हृदय रोग से जूझ रही थी और महज दो साल की उम्र से एम्स में उसका इलाज चल रहा था।

तन्वी की मौत उस समय हुई जब एम्स में उसकी गंभीर हृदय संबंधी स्थिति को देखते हुए ह्रदय- फोफड़ों के ट्रांसप्लांट की संभावनाओं का मूल्यांकन किया जा रहा था। उसकी मौत के बाद पिता ने इलाज को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि 13 साल पहले सुधारात्मक सर्जरी की सलाह दिए जाने के बावजूद ऑपरेशन क्यों नहीं किया गया, इसका जवाब मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि एम्स के डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनकी बच्ची की जान चली गई। वहीं, एम्स ने इस मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया है।

एम्स ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि तन्वी को पहली बार 10 अक्टूबर 2012 को कार्डियोलॉजी ओपीडी में दिखाया गया था। जांच में उसे वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट और पल्मोनरी एट्रेसिया जैसी जटिल जन्मजात हृदय संबंधी बीमारी का पता चला था। इसके बाद उसे हृदय शल्य चिकित्सा टीम के पास सर्जरी की संभावना के आकलन के लिए भेजा गया।

वर्ष 2013 में सीटी एंजियोग्राफी, कन्वेंशनल एंजियोग्राफी और कार्डियक कैथेटराइजेशन समेत कई विस्तृत जांच की गईं। इन जांचों के आधार पर 2017 में उपचार कर रही टीम ने निष्कर्ष निकाला कि हृदय की जटिल बनावट के कारण सुधारात्मक सर्जरी संभव नहीं थी। इसके बाद तान्वी को दवाओं के माध्यम से उपचार और नियमित फॉलो-अप की सलाह दी गई।

एम्स का कहना है कि परिवार इसके बाद भी संस्थान के संपर्क में रहा और सर्जरी की संभावनाओं को लेकर अन्य विशेषज्ञों से राय लेता रहा। पिछले वर्ष सीटीवीएस विभाग के प्रमुख से भी राय ली गई, जिन्होंने मेडिकल मैनेजमेंट की सलाह दी। परिवार द्वारा बाद में एक अन्य वरिष्ठ कार्डियोथोरेसिक सर्जन से ली गई राय में भी मेडिकल मैनेजमेंट जारी रखने की सलाह दी गई।

अगस्त 2026 में तान्वी की हालत बिगड़ने पर उसे दोबारा एम्स लाया गया। उसे 24 अगस्त को भर्ती किया गया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हार्ट-लंग ट्रांसप्लांट की संभावना का भी मूल्यांकन किया गया।

एम्स के मुताबिक, 1 सितंबर 2026 की तड़के करीब 2:50 बजे तन्वी को अचानक थकान और कमजोरी हुई, जिसके बाद गंभीर सायनोसिस विकसित हुआ और उसका ऑक्सीजन स्तर लगभग 48 प्रतिशत तक गिर गया। करीब 3:30 बजे ऑक्सीजन सपोर्ट शुरू किया गया। इसके बाद कार्डियक अरेस्ट आ गया। डॉक्टरों की ओर से तत्काल लगातार पुनर्जीवन के प्रयास किए गए, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। सुबह 5:06 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया।

फिलहाल ऑटोप्सी की प्रक्रिया चल रही है। संस्थान द्वारा गठित समिति पूरे घटनाक्रम, मेडिकल रिकॉर्ड, जांच, दिए गए उपचार, विशेषज्ञों की राय और तन्वी की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच करेगी। एम्स ने कहा है कि समिति की रिपोर्ट और ऑटोप्सी के निष्कर्ष आने से पहले मौत की परिस्थितियों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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