
नई दिल्ली, 02 सितंबर (हि.स.)। टेलीकॉम, सीवरेज और गैस पाइपलाइन जैसे क्षेत्रों में ओवरहेड और अंडरग्राउंड यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी सेवाएं देने वाली कंपनी अन्नू प्रोजेक्ट्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जबरदस्त गिरावट के साथ एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 99 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 24.24 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 75 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 27.27 प्रतिशत डिसकाउंट के साथ 72 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद बिकवाली के दबाव में ये शेयर 70 रुपये के स्तर तक गिर गया। हालांकि बाद में लिवाली शुरू हो जाने पर इसकी चाल सुधर गई। लगातार हो रही खरीदारी के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही 75.60 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर आ गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में अपर सर्किट लगने के बावजूद कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 23.40 रुपये यानी 23.64 प्रतिशत का नुकसान हो गया है।
इस कंपनी का 175.06 करोड़ रुपये का आईपीओ 25 से 28 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 2.93 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 1.72 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 3.55 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 2.68 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,76,83,000 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नई मशीनरी और इक्विपमेंट्स की खरीदारी करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
अन्नू प्रोजेक्ट्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 17.39 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 21.10 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 33.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 155.42 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 182.35 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 244.59 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 19.69 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 22.27 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ छलांग लगा कर 52.54 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 66.39 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 74.25 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 107.45 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 68.93 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 122.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 155.26 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 28.50 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 32.19 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 50.19 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक