
पटना, 21 सितंबर (हि.स.)। बिहार के जमुई जिले में नाबालिग से छेड़खानी और बदसलूकी के कथित वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस ने अब तक तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया है, जबकि दो अन्य आरोपितों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।
इस मामले की जांच के लिए जमुई की महिला अनुमंडल पुलिस पदधिकारी (एसडीपीओ) के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। पुलिस ने मामले में स्पीडी ट्रायल की तैयारी शुरू करने और आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) विधि-व्यवस्था केएस अनुपम ने सोमवार को बताया कि मामले में अब तक तीन नाबालिगों को पुलिस ने निरुद्ध किया है। दो अन्य युवकों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।
जमुई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विश्वजीत दयाल ने बताया कि घटना 19 सितंबर की है और इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद घटनास्थल का निरीक्षण और घटना का पुनर्निर्माण कर वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान की गई। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एसडीपीओ जमुई के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है।
एसपी के अनुसार, वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने पीड़िता से संपर्क किया। पीड़िता ने बताया कि घटना 19 सितंबर की शाम करीब सात बजे की है। शुरुआत में उसके पिता के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद वीडियो और तस्वीरों के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर कार्रवाई की गई।
इस मामले में बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने जमुई के एसपी को पत्र भेजकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। आयोग के अनुसार, 19 सितंबर की शाम करीब सात बजे जमुई शहर से कोचिंग कर मड़वा पहाड़ से लौट रही 10वीं कक्षा की छात्रा के साथ कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर मारपीट और बदसलूकी किए जाने का वीडियो वायरल हुआ है।
राहुल गांधी ने कार्रवाई की मांग की
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मामले को लेकर बिहार सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में दिख रहे प्रत्येक व्यक्ति की पहचान और गिरफ्तारी होनी चाहिए और आरोपितों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा चलाकर शीघ्र सजा दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि घटना 19 सितंबर की है तो आरोपित अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुए। उन्होंने यह भी पूछा कि शाम सात बजे राज्य की सड़कों पर कोई लड़की सुरक्षित क्यों नहीं है।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और वीडियो के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आपत्तिजनक वीडियो के प्रसारण में शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।---------
हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी