गुरु तेग बहादुर के बलिदान ने औरंगजेब के मंसूबे विफल किए : डॉ. कृष्ण गोपाल

21 Sep 2026 22:44:53
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल


जयपुर, 21 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि औरंगजेब की सोच थी कि भारतीयों को कष्ट देकर और उन्हें सताने से वे अपना धैर्य खो देंगे तथा धर्म छोड़ देंगे, लेकिन धर्म की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर के बलिदान ने उसके सभी मंसूबों को विफल कर दिया।

डॉ. कृष्ण गोपाल सोमवार को राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर में श्री गुरु गोविंदसिंह चेयर फॉर नेशनल इंटीग्रेशन एंड सिख स्टडीज तथा भारतीय अभ्युत्थान समिति, राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित व्याख्यान को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने गुरु नानकदेव के जीवन और भारत भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रभाव से देशभर में अध्यात्म की एक लहर उठी, जो भारत का रक्षा कवच बनी। इसी परंपरा में गुरु हरगोविंद ने धर्म की रक्षा का संकल्प लिया और आगे गुरु तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा के लिए आत्मबलिदान दिया। इसी कारण उन्हें “हिंद की चादर” कहा जाता है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रूपिंदर सिंह ने गुरुजनों की शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने गुरु तेग बहादुर की करुणा और प्रेम के सिद्धांतों के माध्यम से सामाजिक समरसता और एकता को मजबूत करने पर बल दिया।

विशिष्ट अतिथि राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलगुरु कल्पना कटेजा ने गुरु परंपरा को भारत की महान विरासत बताते हुए विश्व एकता के लिए गुरुजनों की शिक्षाओं के महत्व को रेखांकित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ से हुई। इस अवसर पर गुरु तेग बहादुर के जीवन पर आधारित संक्षिप्त एनिमेटेड डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में भारतीय अभ्युत्थान समिति के अध्यक्ष डॉ. रमेश चंद्र अग्रवाल ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अखिल

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