आईआईटी मुंबई में प्रोफेसर दुल्ला के समर्थन में फैकल्टी फोरम का मार्च

21 Sep 2026 22:18:53
आयआयटी मुंबईत प्रा. दुल्ला यांच्या समर्थनार्थ फॅकल्टी फोरमचा मार्च


मुंबई, 21 सितंबर (हि.स.)। आईआईटी मुंबई के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद संस्थान परिसर में तनाव और विरोध प्रदर्शन का सिलसिला जारी है। वाकोडे के परिजनों ने एक प्रोफेसर और संस्थान प्रशासन पर जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, संस्थान के फैकल्टी फोरम ने इन आरोपों के बीच प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला के समर्थन में बयान जारी किया है।

आईआईटी मुंबई फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष प्रोफेसर राजकुमार एस. पंत ने कहा कि मीडिया में प्रोफेसर दुल्ला को संस्थान से निलंबित किए जाने संबंधी खबरें सही नहीं हैं। फोरम के मुताबिक, दुल्ला संस्थान के संकाय सदस्य बने हुए हैं। फोरम ने स्पष्ट किया कि वाकोडे की मौत की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रोफेसर दुल्ला को उनके प्रशासनिक दायित्वों से अस्थायी रूप से मुक्त किया गया था। फोरम ने उनके डीन (छात्र कल्याण) के कार्यकाल के दौरान छात्रों के कल्याण के लिए किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। प्रोफेसर दुल्ला के समर्थन में फैकल्टी फोरम ने सोमवार को परिसर स्थित नंदन नीलेकनी मुख्य भवन से एक मार्च निकाला। फोरम ने उनके खिलाफ प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों को लेकर भी चिंता जताई और उन्हें कथित तौर पर भ्रामक बताया।

दूसरी ओर, साहिल वाकोडे की मौत के बाद उनके परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार एफआईआर में प्रोफेसर दुल्ला का नाम भी शामिल है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।

मामले की जांच के लिए फोरेंसिक टीम भी आईआईटी मुंबई परिसर पहुंची है। आरोपों और उनकी परिस्थितियों की जांच अब पुलिस की जांच का विषय है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुलकर्णी

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