सब्सक्रिप्शन के लिए विवेकानंद कॉट्सपिन का आईपीओ लॉन्च, 28 सितंबर को हो सकती है लिस्टिंग

21 Sep 2026 18:56:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 21 सितंबर (हि.स.)। टेक्सटाइल सेक्टर के लिए काम करने वाली कंपनी विवेकानंद कॉट्सपिन लिमिटेड का 22.20 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 23 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 24 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 25 सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 28 सितंबर को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले दिन यह आईपीओ सिर्फ आठ प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 32 रुपये से लेकर 37 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 3,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 6,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,22,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 60 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.48 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.30 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.23 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 4.99 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए स्वस्तिका इनवेस्टमेंट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। सनफ्लावर ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

विवेकानंद कॉट्सपिन लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 3.35 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 4.07 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ घट कर 3.69 करोड़ रुपये रह गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 358.02 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 290.94 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 409.32 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 40.02 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 54.76 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ घट कर 45 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 20.62 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ घट कर 17.26 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 28.94 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर भी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 5.62 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस घट कर 2.26 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछाल के साथ 12.69 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 14.59 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में भी इसी स्तर पर यानी 12.25 करोड़ रुपये के स्तर पर ही रहा। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 15.09 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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