बंगाल की खाड़ी में बना कम वायुमंडलीय दबाव का क्षेत्र, ओडिशा में भारी से अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान

22 Sep 2026 14:55:53
बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन


राज्य सरकार ने तेज की आपदा प्रबंधन की तैयारियां

भुवनेश्वर, 22 सितंबर (हि.स.)। पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम वायुमंडलीय दबाव का क्षेत्र पिछले छह घंटों के

दौरान 18 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम की ओर बढ़ा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, मंगलवार सुबह 8.30 बजे यह प्रणाली 17.9 डिग्री उत्तर अक्षांश और 86.0 डिग्री पूर्व देशांतर के पास केंद्रित थी। इसके अगले 12 घंटों में अधिक वायुमंडलीय दबाव में बदलने की संभावना है।

आईएमडी के अनुसार, यह प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की सुबह के बीच विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को पार कर सकती है। मंगलवार सुबह यह गोपालपुर से करीब 200 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व, कलिंगपट्टनम से 200 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, पुरी से 210 किलोमीटर दक्षिण और विशाखापट्टनम से 290 किलोमीटर पूर्व में स्थित थी।

दक्षिण ओडिशा में भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 22 सितंबर से ओडिशा के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 23 और 24 सितंबर को दक्षिण ओडिशा के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है।

23-24 सितंबर के लिए कोरापुट, गजपति और गंजाम जिलों में रेड वार्निंग जारी की गई है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश तथा एक-दो स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसी तरह 24-25 सितंबर के लिए कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में रेड चेतावनी जारी की गई है। 25 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश तथा 26 सितंबर को ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।

तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं, समुद्र रहेगा अशांत

दक्षिण ओडिशा-उत्तर आंध्र प्रदेश और यानम तट तथा उससे सटे समुद्री क्षेत्र में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जिनके झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 22 सितंबर की शाम से हवा की गति बढ़कर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी 22 सितंबर की शाम से हवाओं की गति 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे तथा झोंकों की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। 23 सितंबर से 24 सितंबर की शाम तक हवाओं की गति 55-65 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों की गति 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

समुद्र की स्थिति अशांत से बहुत अशांत रहने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को 24 सितंबर तक पश्चिम-मध्य, उससे सटे उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों की ओर समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

पिछले 24 घंटे में 13.5 मिमी औसत बारिश

22 सितंबर सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में ओडिशा में औसतन 13.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान केंद्रापड़ा जिले के पट्टामुंडई में सर्वाधिक 78.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जल संसाधन विभाग के मंगलवार सुबह 10 बजे जारी बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण ओडिशा की प्रमुख नदियों का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है। ऋषिकुल्या नदी सोरड़ा में 76.83 मीटर, माधबरिड़ा में 55.94 मीटर और पुरुषोत्तमपुर में 12.18 मीटर पर बह रही है। वहीं वंशधारा नदी का जलस्तर गुनुपुर में 80.93 मीटर और काशीनगर में 52.93 मीटर दर्ज किया गया।

दक्षिण ओडिशा के प्रमुख जलाशयों में ऊपरी इंद्रावती में 83.6 प्रतिशत, ऊपरी कोलाब में 54.5 प्रतिशत, बालिमेला में 44.4 प्रतिशत और माछकुंड (जालापुट) में 63.8 प्रतिशत जल भंडारण उपलब्ध है।

33 ओड्राफ टीमों की तैनाती

राज्य सरकार ने संभावित भारी बारिश और अधिक वायुमंडलीय दबाव के मद्देनजर आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव ने 21 सितंबर को विशेष राहत आयुक्त, अग्निशमन सेवा निदेशक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जल संसाधन विभाग, पुलिस अधिकारियों तथा दक्षिण ओडिशा के जिलाधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की।

जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने, चक्रवात एवं बाढ़ आश्रयस्थलों को तैयार रखने, आवश्यक सामग्री का भंडारण करने तथा आपदा राहत टीमों को पहले से तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। गजपति, रायगढ़ा, गंजाम, कोरापुट और मलकानगिरी के भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। अग्निशमन सेवा इकाइयों को भी सतर्क रखा गया है।

अधिक वायुमंडलीय दबाव के मद्देनजर कुल 33 ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ओड्राफ) टीमों को तैनात/निर्धारित किया गया है। इनमें 24 टीमें संवेदनशील जिलों में तैनात हैं। गंजाम में छह, गजपति में तीन, कोरापुट में छह, मलकानगिरी में तीन, रायगढ़ा में तीन, कालाहांडी में दो और बलांगीर में एक टीम तैनात की गई है। इसके अलावा नौ ओड्राफ टीमों को गंजाम जिले के छत्रपुर स्थित ओएसएपी 8वीं बटालियन के ओड्राफ यूनिट में रिजर्व रखा गया है।

स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा सुविधाओं की पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग को बारिश, जलाशयों में पानी की आवक और बांधों के जलस्तर की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। सभी वरिष्ठ अधिकारियों और जिला प्रशासन को मुख्यालय में रहकर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य और जिला स्तर पर स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। सभी संबंधित विभागों और क्षेत्रीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उच्च सतर्कता बरतने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, जलभराव वाले, निचले और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचने तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लोगों से राज्य सरकार और आईएमडी द्वारा जारी आधिकारिक मौसम संबंधी सूचनाओं एवं सलाह का पालन करने को कहा गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो

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