पटना, 22 सितम्बर (हि.स.)। बिहार के जमुई में नाबालिग से बदसलूकी के मामले में मुख्य आरोपित नंदन यादव को गिरफ्तार करने के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे आरोपित हरेराम यादव का पैर भागने के दौरान टूट गया। दोनों को जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले में अब तक छह आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) (कानून-व्यवस्था) केएस अनुपम ने मंगलवार को बताया कि पुलिस टीम कुंदर बराज के समीप आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। इसी दौरान पुलिस और आरोपितों का आमना-सामना हो गया। आरोपितों ने पुलिस टीम पर हमला किया और भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मुख्य आरोपित नंदन यादव के पैर में गोली लगी। वहीं, भागने के दौरान हरेराम यादव का पैर टूट गया। दोनों का इलाज जमुई सदर अस्पताल में चल रहा है।
उन्होंने बताया कि नंदन यादव और हरेराम यादव दोनों बालिग हैं। दोनों प्रतापपुर गांव के रहने वाले हैं और पेशे से ट्रैक्टर चालक हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान नंदन ने पुलिस टीम पर हमला किया था। इसके बाद हुई कार्रवाई में वह घायल हुआ।
घटना की गंभीरता को देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर मामले की जांच अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने अपने हाथ में ले ली है। सीआईडी की विशेष टीम जमुई पहुंच चुकी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस अब घटना के दौरान मौजूद लोगों, आरोपितों की भूमिका और अन्य परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।
इधर, नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने और घटना से संबंधित वीडियो व अन्य सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के अनुसार, साइबर थाने में कांड संख्या 45/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।
एडीजी केएस अनुपम ने बताया कि संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वीडियो और अन्य आपत्तिजनक सामग्री हटाने के लिए संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को टेक-डाउन नोटिस भी जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नाबालिग पीड़िता की पहचान या चेहरा उजागर करने वाली सामग्री का प्रसार कानून के तहत कार्रवाई के दायरे में आता है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घटना से संबंधित वीडियो या अन्य सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा अथवा रीपोस्ट न करें। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की पहचान गोपनीय रखना कानूनी रूप से आवश्यक है।
उल्लेखनीय है कि 19 सितंबर की शाम करीब सात बजे मड़वा पहाड़ के पास कुछ युवकों ने स्कूटी से जा रहे नाबालिग छात्र और छात्रा को जबरन रोक लिया था। आरोपितों ने उनके साथ अमर्यादित व्यवहार और मारपीट की तथा घटना का वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया था।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की। अब तक छह आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस और आरोपितों के बीच हुई कार्रवाई में नंदन यादव घायल हुआ, जबकि हरेराम यादव का पैर टूट गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी