मध्य प्रदेश आधुनिक तकनीक और निवेश के लिए देश का सबसे अनुकूल राज्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

22 Sep 2026 23:18:53
मप्र के मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री सिंधिया के साथ बेंगलुरु में उद्योगपतियों से किया वन-टू-वन संवाद


- मप्र के मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) ग्वालियर में निवेश के लिए निवेशकों से किया संवाद

भोपाल, 22 सितम्बर (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश आधुनिक तकनीक और निवेश के लिए देश का सबसे अनुकूल राज्य है। देश के हृदय स्थल में स्थित मध्य प्रदेश को अपने केंद्रीय भौगोलिक स्थान, मजबूत बुनियादी ढांचे और सरप्लस बिजली का अभूतपूर्व लाभ प्राप्त है। राज्य में उद्योग अनुकूल वातावरण का ही परिणाम है कि विगत पौने तीन वर्षों में लगभग सभी सेक्टरों में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश राज्य की धरती पर उतर चुका है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को ग्वालियर में विकसित किए जा रहे टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) में निवेश आकर्षित करने के लिए बेंगलुरु में आयोजित राउंड टेबल बैठक में निवेशकों से संवाद कर रहे थे। इस मौके पर केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया विशेष रूप से मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय को सही अवसर पर पहचान कर निर्णय लेना ही एक सफल उद्यमी की पहचान है। दिल्ली और मुंबई के रोड-शो में निवेशकों से मिले सकारात्मक प्रतिसाद से स्पष्ट है कि उद्योग जगत का भरोसा मध्य प्रदेश पर निरंतर मजबूत हुआ है। निवेशकों के लिए मध्य प्रदेश में निवेश करने का यही सही समय है।

टेलीकॉम क्षेत्र में केंद्र और राज्य की साझेदारी का नया युग

उन्होंने कहा कि केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सहयोग से केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश शासन ने मिलकर टेलीकॉम सेक्टर में एक नया और ऐतिहासिक मॉडल स्थापित किया है। ग्वालियर में बन रहा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन इसी साझी सोच का प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में भूमि सीमित है, इसलिए ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर आने वाले निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा, जबकि आगामी चरणों में नियम व शर्तें भिन्न होंगी। इस औद्योगिक पार्क में एक ही स्थान पर डिजाइन से लेकर डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग से लेकर टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन से लेकर एक्सपोर्ट तक की पूरी वैल्यू चेन का निर्माण होगा। यहां सिम से लेकर सैटेलाइट कम्युनिकेशन के उपकरण, 5-जी और 6-जी के उपकरण, ऑप्टिकल फायबर और आईओटी से जुड़े उत्पाद बनाए जाएंगे।

घोषणा के साथ ही बुक हो जाते हैं मध्य प्रदेश के औद्योगिक पार्क

मुख्यमंत्री ने राज्य के औद्योगिक पार्कों की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि धार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मोत्सव 2025 पर 2,000 एकड़ के ‘पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क’ का भूमिपूजन हुआ था और उसी दौरान पार्क का एक-एक प्लॉट बुक हो गया। इसी प्रकार मोहासा-बाबई में नवकरणीय ऊर्जा उपकरण पार्क पहले, दूसरे और तीसरे चरण पूरी तरह बुक होने के बाद अब चौथे चरण पर कार्य शुरू हो चुका है। पीथमपुर, अवंतिका और विक्रम उद्योगपुरी जैसे क्षेत्रों में भी निवेशकों का भारी विश्वास देखने को मिला है।

उन्होंने कहा कि पिछले 9 महीनों में ही रक्षा से लेकर खाद्य सुरक्षा तक, ट्रांसफॉर्मर से टेलीकॉम तक, हेल्थकेयर से लेकर लाइफकेयर तक, टेक्सटाइल से लेकर टेक्नोलॉजी तक, ऑप्टिकल फायबर केबल्स से लेकर ऑटोमोबाइल पार्ट्स तक, नवकरणीय ऊर्जा उपकरण से लेकर रेलवे और भारी वाहनों के निर्माण तक मध्य प्रदेश में लगभग 15 विनिर्माण इकाइयां लगी हैं। उन्होंने बेंगलुरु के तकनीकी उद्यमियों और निवेशकों को आश्वस्त किया कि मध्य प्रदेश सरकार उनके हर निवेश को सुरक्षित, सफल और गतिमान बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ उनके साथ खड़ी है। विगत ढाई वर्षों में 25 से अधिक सेक्टर-विशेष ‘इन्वेस्टमेंट-फ्रेंडली’ नीतियां लागू की गई हैं, जिनसे उद्योगों को लगाने और संचालन में सुविधा मिलेगी।

बेंगलुरु में आयोजित राउंड टेबल बैठक में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया, केंद्रीय दूरसंचार सचिव अमित अग्रवाल और मध्य प्रदेश के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन ग्वालियर की विशेषताओं और निवेशकों को दिए जा रहे आकर्षक लाभ और सुविधाओं से अवगत कराया।

5,500 करोड़ रुपये के निवेश के लिए 24 कंपनियों ने आवेदन प्रक्रिया शुरू

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार और केंद्रीय मंत्री सिंधिया के नेतृत्व में दूरसंचार विभाग ने जुलाई 2026 में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद अगस्त में दिल्ली और मुंबई में निवेशक सम्मेलन आयोजित किए गए। दिल्ली में निवेशक सम्मेलन में लगभग 3,500 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धताएं सामने आईं, जिससे करीब 14,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। अगस्त में मुंबई में आयोजित सम्मेलन में लगभग 2,000 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धताएं मिलीं, जिनसे करीब 4,000 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। इसके परिणामस्वरूप अब 24 कंपनियों ने दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र में अपनी इकाइयां स्थापित करने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

निवेशकों ने मध्यप्र देश की नीतियों और पारदर्शी व्यवस्था को सराहा

राउंड टेबल बैठक में उपस्थित देश-विदेश की प्रमुख टेलीकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी कंपनियों के प्रमुखों एवं उद्योगपतियों ने मध्य प्रदेश की निवेश हितैषी नीतियों, पारदर्शी कार्यप्रणाली और उद्योग अनुकूल वातावरण की मुक्तकंठ से सराहना की। निवेशकों ने कहा कि ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से दिया जा रहा ऐतिहासिक प्रोत्साहन पैकेज, नाममात्र दर पर विकसित भूमि, रियायती बिजली-पानी और अत्याधुनिक साझा टेस्टिंग लैब्स की व्यवस्था विनिर्माण क्षेत्र में कंपनियों के वित्तीय जोखिम को काफी कम करती है।

उद्योगपतियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य में लागू ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों, 5 वर्ष की निरीक्षण-मुक्त व्यवस्था और समस्याओं के 48 घंटे में समाधान की प्रतिबद्धता पर गहरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि देश के मध्य में स्थित होने, दिल्ली-एनसीआर से सीधी कनेक्टिविटी और प्रचुर तकनीकी मानव संसाधन के चलते मध्य प्रदेश देश में हाई-टेक टेलीकॉम विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनने की आदर्श क्षमता रखता है।

बैठक में शामिल कई प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों ने ग्वालियर जोन में अपनी इकाइयां स्थापित करने और आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में भागीदारी के प्रति उत्साह दिखाया। राउंड टेबल मीटिंग में 25 से अधिक टेलीकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेक्नोलॉजी कंपनियों के उद्यमी एवं निवेशक, केंद्र व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारीगण और स्टार्ट-अप लीडर्स उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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