मप्र में 25 सितंबर से शुरू होगी सुगम बस परिवहन सेवा, केन्द्रीय मंत्री गडकरी 350 बसों को दिखाएंगे हरी झंडी

22 Sep 2026 17:42:53
मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक


- कैबिनेट ने दी राज्य के बुनियादी ढांचे, कृषि विस्तार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के लिए 13,790 करोड़ रुपये की स्वीकृति

भोपाल, 22 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में 25 सितंबर को मुख्यमंत्री सुगम बस परिवहन सेवा शुरू हो रही है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी 350 बसों को भोपाल से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में योजना का प्रस्तुतिकरण दिया गया। इसके साथ ही बैठक में प्रवेश के सर्वांगीण विकास के लिए 13 हजार 790 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।

एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि करीब 20 साल से यात्री परिवहन की मॉनिटरिंग का काम नहीं हो रहा था। अब यात्री सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री सुगम बस परिवहन योजना में निजी बस ऑपरेटरों के साथ अनुबंध कर इन बसों का संचालन किया जाएगा। सरकार ने मार्च 2027 तक प्रदेश में एक हजार बसें शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिकता दी जाएगी।

मंत्री काश्यप ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में बुनियादी ढांचे, कृषि विस्तार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण को नई गति देने के उद्देश्य से लगभग 13 हजार 790 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक में खिलाड़ियों और खेलों के विकास, किसानों, युवाओं, न्यायिक व्यवस्था और आम नागरिकों से जुड़े कई दूरगामी व जनहितैषी निर्णय लिए गए।

140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर निर्माण और संचालन के लिए 962.50 करोड़ रुपये स्वीकृत

उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तहत प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर निर्माण व संचालन के लिए के लिए 962 करोड़ 50 लाख रुपये की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है। इन खेल परिसरों का नामकरण मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स काम्पलेक्स किए जाने के साथ ही मुख्य मैदान के बीच में स्थायी हेलीपैड बनाने का भी निर्णय लिया गया। हेलीपैड बनने से पीएमश्री योजना के हेलीकाप्टर्स का आवागमन सुगम और सुचारू हो सकेगा।

इसके साथ ही मंत्रि-परिषद ने ग्राम न्यायालय योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 554 करोड़ 61 लाख रुपये और विधि विभाग के अंतर्गत म.प्र. विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की स्थापना योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिये निरंतरता के लिए 524 करोड़ रुपये की अनुमति प्रदान की है।

इसके साथ ही विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पंजीयक, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत संचालित योजना परिवार न्यायालयों की स्थापना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिये निरंतरता के लिए एक हजार करोड़ रुपये और विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पंजीयक, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत संचालित योजना उच्च न्यायालय (भारित) को 16वें वित्त आयोग की अवधि 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 2,015 करोड़ 60 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।

2800 मेगावाट ताप विद्युत क्रय किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी

मंत्री काश्यप ने बताया कि मंत्रि-परिषद् ने ऊर्जा विभाग की एम.पी. पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी डीबीएफओओ मॉडल बिडिंग दस्तावेजों के आधार पर कुल 2800 मेगावाट ताप विद्युत जिसके अंतर्गत मध्य प्रदेश में मौजूदा निर्माणाधीन एवं राज्य में ही प्रस्तावित नवीन (ग्रीन फील्ड/ब्राउन फील्ड) ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से विद्युत क्रय के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत संचालित 6 योजनाओं को आगामी पांच वर्षों वित्तीय वर्ष 2026-2027 से वर्ष 2030- 2031 तक की अवधि के लिए निरंतर रखने के लिए कुल 969 करोड़ 87 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इसमें संपदा ई-रजिस्ट्री योजना के लिए 62 करोड़ रुपये, स्टाम्पों की बिक्री पर व्यय योजना के लिए 664 करोड़ रुपये, स्टाम्पों की लागत योजना के लिए 175 करोड़ रुपये, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण योजना के लिए 12 करोड़ 50 लाख रुपये, डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम योजना के लिए 46 करोड़ 37 लाख रुपये और जिला/उप पंजीयक कार्यालय भवन निर्माण/विस्तार योजना के लिए 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।

मंत्री काश्यप ने बताया कि सिंचाई क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगामी पांच वर्षों 2026-2031 के लिए नीमच की महत्वाकांक्षी जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 4,197 करोड़ 58 लाख रूपये तथा राजगढ़ की सुठालिया एवं पार्वती रिन्सी परियोजनाओं के लिए क्रमशः 262 करोड़ 63 लाख रूपये और 507 करोड़ 23 लाख रूपये की निरंतरता की स्वीकृत दी गई, जिससे 88 हजार हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होगी। इसके साथ ही प्रदेश की भविष्य की बिजली जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए 2800 मेगावॉट ताप विद्युत क्रय करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। इसके अलावा मंत्री-परिषद ने शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर में 13 निरंतरता के साथ ही नवीन पदों तथा नवगठित जिलों मैहर, पांढुर्णा एवं सिंगरौली में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के नए कार्यालयों व पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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