
नई दिल्ली, 22 सितंबर (हि.स.)। सोमवार को शानदार तेजी हासिल करने के बाद घरेलू शेयर बाजार ने आज भी पॉजिटिव ग्लोबल संकेतों के सपोर्ट से मजबूत शुरुआत की। कारोबार के पहले घंटे में तेजी बन भी रही लेकिन इसके बाद बिकवाली के दबाव में आकर भारतीय शेयर बाजार ने अपनी सारी बढ़त गंवा दी। घरेलू बाजार आज ऊपरी स्तर पर टिक नहीं सका और जबरदस्त सेक्टोरल दबाव के चलते लाल निशान में बंद हुआ।
आज के कारोबार की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 329.91 अंक (0.44%) की गिरावट के साथ 74,529.08 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 85.30 अंक (0.36%) टूट कर 23,329.00 अंक के स्तर पर बंद हुआ। इस तरह निफ्टी की पिछले चार कारोबारी दिन जारी मजबूती के सिलसिले पर आज ब्रेक लग गया।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज के कारोबार के दौरान आईटी सेक्टर को लेकर ब्रोकरेज की निगेटिव रिपोर्टिंग ने बाजार की चाल पर काफी प्रतिकूल असर डाला। गोल्डमैन सैक्स और क्रेडिट लियोनिस सिक्योरिटीज एशिया (सीएलएसए) द्वारा जारी की गई रिपोर्ट ने भारतीय आईटी सेक्टर में मिड-टर्म अर्निंग्स को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। रिपोर्ट में ग्लोबल डिमांड में कमजोरी आने की बात प्रमुखता के साथ कही गई है। इसकी वजह से आज घरेलू बाजार में आईटी सेक्टर बड़ी गिरावट का शिकार हो गया।
धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी के अनुसार घरेलू शेयर बाजार की चाल पर कच्चे तेल की कीमत में जारी उतार-चढ़ाव की वजह से भी असर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में आज गिरावट जरूर आई है लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अभी भी बड़े निवेशक संभल कर कदम उठा रहे हैं। खासकर, अमेरिकी और ईरान के बीच चल रहे इस तनाव की वजह से घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) बड़ा जोखिम लेने से बच रहे हैं। इसी वजह से आज डीआईआई बाजार में ऊपरी स्तर पर मुनाफा वसूली करते हुए नजर आए। इसी तरह विदेशी संस्थागत निवेशक भी आज लगातार बिकवाली करते रहे।
धामी का कहना है कि सेंसेक्स और निफ्टी में आई इस गिरावट के बावजूद राहत की बात यह रही कि ब्रॉडर मार्केट में विशेष रूप से मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आज दबाव होने के बावजूद बड़ी भगदड़ देखने को नहीं मिली। निफ्टी का मिडकैप इंडेक्स सिर्फ 0.08 प्रतिशत की गिरावट का शिकार हुआ, वहीं स्मॉलकैप इंडेक्स 0.23 प्रतिशत टूट कर बंद हुआ। आज बाजार का एडवांस-डिक्लाइन रेशियो भी लगभग संतुलित रहा, जहां 2,174 शेयरों में बढ़त देखी गई, तो वहीं 2,189 शेयर गिरावट का शिकार हुए।
टेक्निकल चार्ट की बात करें तो निफ्टी के लिए 23,250 से 23,200 अंक का स्तर मजबूत सपोर्ट के रूप में बना हुआ है। जब तक यह सूचकांक इस बेस को बनाए रखता है, तब तक लंबी अवधि के निवेशकों को घबराना नहीं चाहिए। वहीं, अगर ऊपरी स्तरों की बात करें तो 23,450 और 23,550 के स्तर पर कड़ा रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। इसको पार करने के बाद ही बाजार में नई शॉर्ट-कवरिंग रैली देखने को मिल सकती है।
प्रशांत धामी का कहना है कि आज की गिरावट को शेयर बाजार में आई आकस्मिक गिरावट नहीं मानना चाहिए बल्कि यह एक सेलेक्टिव सेक्टोरल रोटेशन और टाइम-करेक्शन का हिस्सा है। ऐसी स्थिति में खुदरा निवेशकों को इस गिरावट का उपयोग अपने निवेश सलाहकार से विचार-विमर्श के बाद अच्छी वित्तीय स्थिति और मजबूत कैश-फ्लो वाली कंपनियों में धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करने में करना चाहिए। इसके साथ ही खुदरा निवेशकों को मौजूदा समय में एसएमई सेक्टर की मजबूत वित्तीय स्थिति वाली कंपनियों के आईपीओ के अलॉटमेंट और उनकी लिस्टिंग के रुझानों पर भी कड़ी नजर बनाए रखना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक