ईडी ने 54 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का 37 किलो सोना किया जब्त

23 Sep 2026 18:33:53
ईडी लोगो संग्रहित फोटो


नई दिल्ली, 23 सितंबर (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गुवाहाटी क्षेत्रीय कार्यालय-1 ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत 54 करोड़ रुपये से अधिक अनुमानित मूल्य का 37.064 किलोग्राम सोना अस्थायी रूप से जब्त किया है। जब्त सोने में 29 बड़े आकार की सोने की छड़ें और 50 छोटे आकार के सोने के टुकड़े शामिल हैं। इसके अलावा करीब 13 ग्राम वजन के चांदी जैसे रंग के धातु के टुकड़े भी जब्त किए गए हैं।

ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई अक्षय परशुराम बानसोडे और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज मामले में की गई है। असम पुलिस ने 30 जून को गुवाहाटी के खारघुली हातिसिल इलाके में अक्षय परशुराम बानसोडे के कब्जे से यह सोना बरामद किया था। फिलहाल सोना गुवाहाटी स्थित कामरूप मेट्रो कोषागार की सुरक्षित अभिरक्षा में रखा गया है।

ईडी ने असम के कामरूप मेट्रो जिले के लतासिल थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पीएमएलए के तहत जांच शुरू की थी। मामला तस्करी किए गए सोने के संगठित अवैध परिवहन और उसे छिपाने तथा आपराधिक साजिश से संबंधित है।

जांच में सामने आया कि अक्षय परशुराम बानसोडे कथित तौर पर कई वर्षों से एक अज्ञात व्यक्ति के निर्देश पर देशभर में सोने का परिवहन कर रहा था। ईडी के अनुसार, यह अज्ञात व्यक्ति कूरियरों के एक संगठित गिरोह को नियंत्रित करता था और सोने के परिवहन के लिए एक कूट पहचान प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता था। इसके बदले बानसोडे को हर महीने निश्चित पारिश्रमिक दिया जाता था।

जांच एजेंसी के अनुसार, बरामद सोने को म्यांमार और संयुक्त अरब अमीरात के रास्ते भारत में तस्करी करके लाए जाने का आरोप है। इसके बाद भुगतान हवाला माध्यम से किए जाने की बात सामने आई है। ईडी ने बताया कि इस सोने को कुछ व्यापारियों से जुड़ी एक बुलियन रिफाइनिंग कंपनी द्वारा तैयार किए गए चालानों के माध्यम से औपचारिक सर्राफा कारोबार में शामिल करने का प्रयास किया गया था।

जांच में बरामद सोने पर स्वामित्व का दावा भी सामने आया। इस दावे को बिक्री दस्तावेज के रूप में पेश किए गए कुछ चालानों के आधार पर स्थापित करने का प्रयास किया गया था। ईडी के अनुसार, संबंधित न्यायालय ने इन दस्तावेजों की जांच की और उन्हें प्रथम दृष्टया फर्जी पाया। इसके बाद सोना छोड़ने के लिए दायर दावेदार का आवेदन खारिज कर दिया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि जिस व्यक्ति के कब्जे से सोना बरामद किया गया था और जिस व्यक्ति ने उस पर स्वामित्व का दावा किया था, दोनों ही सोने की वैध खरीद या आयात से संबंधित कोई सीमा शुल्क निकासी प्रमाणपत्र, आयात दस्तावेज या अन्य वैध प्रमाण पेश नहीं कर सके।

ईडी ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

Powered By Sangraha 9.0