नए ई-कॉमर्स नियम अधिक पारदर्शिता, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे: खंडेलवाल

23 Sep 2026 18:21:53
कैट महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल का फाइल फोटो


-कैट ने सुधारों का किया स्वागत, प्रिडेटरी प्राइसिंग, एफडीआई उल्लंघनों पर सख्त कार्रवाई की मांग की

नई दिल्ली, 23 सितंबर (हि.स.)। देश का शीर्ष व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) (संशोधन) नियम, 2026 की अधिसूचना का स्वागत करते हुए इसे भारत के डिजिटल व्यापार तंत्र को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और न्यायसंगत बनाने की दिशा में ऐतिहासिक एवं दूरगामी कदम बताया है।

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत लगातार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करते हुए व्यापारियों, खुदरा विक्रेताओं, स्टार्टअप्स एवं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को डिजिटल अर्थव्यवस्था में समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

खंडेलवाल ने कहा कि 1 जनवरी, 2027 से लागू होने वाले इन नियमों में सर्च रैंकिंग में पारदर्शिता, प्रायोजित लिस्टिंग का स्पष्ट खुलासा, छूट की वास्तविक जानकारी का प्रदर्शन, राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन से एकीकरण, शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत बनाना तथा उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले ‘डार्क पैटर्न्स’ पर रोक जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि कैट लंबे समय से अत्यधिक छूट (डीप डिस्काउंटिंग), अपारदर्शी एल्गोरिद्म, भ्रामक प्रचार, सर्च परिणामों में हेरफेर करने तथा चुनिंदा विक्रेताओं को प्राथमिकता दिए जाने जैसे मुद्दों को उठाता रहा है। ये नए नियम इन चिंताओं का समाधान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं और ऑनलाइन तथा ऑफलाइन व्यापार के बीच समान प्रतिस्पर्धा का वातावरण तैयार करेंगे।

खंडेलवाल ने विशेष रूप से स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग के अनिवार्य खुलासे, सर्च परिणामों में हेरफेर पर रोक तथा किसी भी छूट के विज्ञापन के साथ-साथ पिछले तीस दिनों के न्यूनतम मूल्य को प्रदर्शित करने की अनिवार्यता का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा और भ्रामक मूल्य निर्धारण की प्रवृत्तियों पर अंकुश लगेगा।

कैट महामंत्री ने कहा कि यह सुधार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल”, “आत्मनिर्भर भारत” और “लोकल टू ग्लोबल” के विज़न के अनुरूप हैं तथा देश के छोटे व्यापारियों, उद्यमियों और एमएसएमई को डिजिटल बाजार में अधिक अवसर प्रदान करेंगे।

खंडेलवाल ने कहा कि डिजिटल वाणिज्य की सफलता केवल बड़े प्लेटफॉर्म्स की वृद्धि से नहीं मापी जानी चाहिए बल्कि इस बात से आंकी जानी चाहिए कि वह देश के करोड़ों व्यापारियों, खुदरा विक्रेताओं, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप्स और एमएसएमई को कितना सशक्त बनाता है।

कैट ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्री प्रह्लाद जोशी तथा उपभोक्ता मामले विभाग का भी आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने डिजिटल व्यापार क्षेत्र की बदलती हुई चुनौतियों एवं विभिन्न हितधारकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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