
नई दिल्ली, 23 सितंबर (हि.स.)। मूडीज और फिच रेटिंग्स के बाद वित्तीय शोध और साख निर्धारित करने वाली एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर के अनुमान को बढ़ाकर सात फीसदी कर दिया है।
एसएंडपी ने बुधवार को ‘इकोनॉमिक एक्टिविटी फॉर एशिया पैसिफिक’ शीर्षक से जारी अपनी ताजा रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 7.0 फीसदी कर दिया है। साथ ही एजेंसी ने वित्त वर्ष 2026-27 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति औसतन 5.1 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि मजबूत औद्योगिक गतिविधियों, स्वस्थ खपत, वस्तुओं के मजबूत निर्यात और सरकारी निवेश में तेजी जैसे कारकों ने आर्थिक वृद्धि को गति दी है। भारत की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर 7.8 फीसदी रही। एजेंसी ने कहा, ‘‘इसी कारण हमने 31 मार्च, 2027 को समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान पहले के 6.6 फीसदी से बढ़ाकर सात फीसदी किया है।’’
एसएंडपी ने कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि सीपीआई आधारित मुद्रास्फीति औसतन 5.1 फीसदी रहेगी। एजेंसी ने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अपनी नीतिगत दर में 0.25 फीसदी की वृद्धि करेगा।’’
उल्लेखनीय है कि इससे पहले फिच रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2026-27 की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 6.9 फीसदी कर दिया, जबकि पिछले हफ्ते वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान को बढ़ाकर सात फीसदी कर दिया था। यह जी20 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक वृद्धि दर का अनुमान है। भारत की आर्थिक वृद्धि दर बीते वित्त वर्ष 2025-26 में 7.8 फीसदी रही थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर