नई दिल्ली में 12 से 14 अक्टूबर तक होगा ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल

24 Sep 2026 18:20:53
पोस्टर जारी करते हुए संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक गुप्ता


नई दिल्ली, 24 सितंबर (हि.स.)। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत संस्कृति मंत्रालय 12 से 14 अक्टूबर तक नई दिल्ली में ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल 2026 का आयोजन करने जा रहा है। तीन दिवसीय महोत्सव की थीम है-“साझा कहानियां, साझा भविष्य।” महोत्सव में ब्रिक्स के सदस्य और साझेदार देशों से 100 से अधिक थिएटर कलाकार, रंगकर्मी, विद्वान, विद्यार्थी और सांस्कृतिक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इसमें भारत, थाईलैंड, इंडोनेशिया, रूस, वियतनाम, ईरान, दक्षिण अफ्रीका, कजाकिस्तान और इथियोपिया की भागीदारी होगी।

संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि यह महोत्सव भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल है और थिएटर के माध्यम से लोगों के बीच संबंध मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा।

महोत्सव का उद्घाटन 12 अक्टूबर को राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) में होगा। नई दिल्ली के राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और उसके अभिमंच एवं सम्मुख सभागार, कामानी ऑडिटोरियम, एलटीजी ऑडिटोरियम और मेघदूत थिएटर सहित विभिन्न प्रमुख रंगमंच स्थलों पर प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।

महोत्सव में शास्त्रीय, समकालीन और प्रयोगात्मक रंगमंच के विविध रूप देखने को मिलेंगे।

उन्होंने बताया कि भारत की ओर से दो नाट्य प्रस्तुतियां पेश की जाएंगी, जबकि रूस की ओर से दो थिएटर समूह हिस्सा लेंगे। अन्य देश भी अपनी भाषाओं, रंगमंचीय परंपराओं और समकालीन रचनात्मक अभिव्यक्तियों को दर्शाने वाली प्रस्तुतियां पेश करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान निर्देशकों, कलाकारों और प्रोडक्शन टीमों के साथ इंटरैक्टिव कार्यशालाएं और परिचर्चाएं भी होंगी। इनमें अभिनय पद्धतियों, प्रदर्शन परंपराओं, मंच-सज्जा, तकनीकी डिजाइन और कलात्मक दृष्टिकोण जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि यह महोत्सव अगस्त 2026 में आयोजित ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक में अपनाए गए भोपाल घोषणापत्र की भावना के अनुरूप है। घोषणापत्र में सांस्कृतिक सहयोग, कलाकारों के आदान-प्रदान और रंगकर्मियों के बीच मजबूत नेटवर्क विकसित करने पर जोर दिया गया था। महोत्सव का उद्देश्य विभिन्न ब्रिक्स देशों के कलाकारों और दर्शकों को एक साझा मंच पर लाकर सांस्कृतिक सहयोग और जन-जन के बीच संपर्क को मजबूत करना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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