
नई दिल्ली, 24 सितंबर (हि.स.)। कोयला मंत्रालय ने ई-कचरा निपटान, कबाड़ प्रबंधन और कार्यस्थल के आधुनिकीकरण को लक्ष्य बनाया है। मंत्रालय 2 अक्टूबर से लेकर 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान 6 का नेतृत्व करेगा। इसका उद्देश्य स्वच्छ, स्थायी और नागरिक-केंद्रित गवर्नेंस को बढ़ावा देने के साथ मजबूत संस्थागत तंत्र को और सुदृढ़ करना है।
कोयला मंत्रालय ने गुरुवार को जारी बयान में बताया कि मंत्रालय 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक 'विशेष अभियान 6.0' का आयोजन करने जा रहा है, जिसका मुख्य लक्ष्य ई-कचरे का वैज्ञानिक निपटान, कबाड़ प्रबंधन और कार्यस्थल का आधुनिकीकरण करना है। इस विशेष अभियान के तहत मंत्रालय के सभी प्रशासनिक कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में ई-कचरे के व्यवस्थित संग्रहण, पृथक्करण और वैज्ञानिक निपटान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मंत्रालय ने कहा कि इस विशेष अभियान 6 के तैयारी चरण के लिए चेतना शुक्ला (डीडीजी), रॉबिन गंगटे (डीएस) तथा अधिकारियों ने 23 सितंबर को यहां लोक नायक भवन स्थित रिकॉर्ड कक्ष की समीक्षा की। इस प्रक्रिया के तहत फाइलों का व्यवस्थित वर्गीकरण करने तथा पुराने या अनावश्यक अभिलेखों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया, ताकि उन्हें समयबद्ध तरीके से हटाया जा सके।
कोयला मंत्रालय अपने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई), सीसीओ और सीएमपीएफओ के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान चलाने के लिए स्थलों की सक्रिय रूप से पहचान कर रहा है। कोयला मंत्रालय ने विशेष अभियान 6 के लिए लक्ष्यों की पहचान करने की दिशा में 24 सितंबर तक महत्वपूर्ण प्रगति कर ली है।
इसमें स्वच्छ किए जाने वाले स्थलों की पहचान: 1462, खाली किए जाने वाले क्षेत्र: 1.21 करोड़ वर्ग फुट, निपटान किए जाने वाले कबाड़ की मात्रा: 10,713 मीट्रिक टन, समीक्षा की जाने वाली भौतिक फाइलें: 10,189, समीक्षा हेतु ई-फाइलें: 75,382 मुख्य रूप से शामिल है।
मंत्रालय ने कहा कि 30 सितंबर तक तैयारी चरण जारी रहने के साथ इन आंकड़ों में और वृद्धि होने की उम्मीद है। कोयला मंत्रालय इस विशेष अभियान 6 के माध्यम से स्वच्छता में सुधार, रिकॉर्ड प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने और गवर्नेंस की दक्षता बढ़ाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर