नेतन्याहू ने यूएन महासभा में कतर और तुर्की पर साधा निशाना, नरसंहार के आरोपों को 'सदी का सबसे बड़ा झूठ' बताया

25 Sep 2026 01:01:53

न्यूयॉर्क, 25 सितंबर (हि.स.)। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण की शुरुआत ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर तीखे हमले के साथ की। उन्होंने ईरान की परमाणु सुविधाओं पर इजराइल की सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि अगर इजराइल ने यह कदम नहीं उठाया होता तो “हम सब मारे जाते।”

नेतन्याहू ने कहा कि ईरान की परमाणु सुविधाओं को नष्ट करना बेहद कठिन था, लेकिन प्रधानमंत्री के तौर पर उनके लिए यह फैसला सबसे आसान फैसलों में से एक था। उन्होंने दावा किया कि इजराइल ने केवल अपनी सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि उन देशों की भी रक्षा की जिनके प्रतिनिधि उनके भाषण के दौरान सभागार से बाहर चले गए।

नेतन्याहू के मंच पर पहुंचते ही संयुक्त राष्ट्र महासभा में बड़ी संख्या में प्रतिनिधि बाहर निकल गए। कुछ प्रतिनिधियों ने उनके भाषण का विरोध किया, जबकि कुछ ने उनका समर्थन करते हुए तालियां बजाईं। नेतन्याहू ने बाहर जाने वाले प्रतिनिधियों को “नैतिक रूप से कायर” कहा।

ईरान और हमास पर निशाना

नेतन्याहू ने 07 अक्टूबर 2023 के हमास हमले को इजराइल के इतिहास का सबसे काला दिन बताया और उसके बाद इजराइल की सैन्य कार्रवाई को देश की रक्षा के प्रयास के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि इजराइल के विरोधियों को उम्मीद थी कि देश टूट जाएगा, लेकिन उसने जवाब दिया।

उन्होंने ईरान, हमास और हिजबुल्लाह के खिलाफ इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए अमेरिकी समर्थन की भी सराहना की। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व और इजराइल-अमेरिका साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया।

गाजा में नरसंहार के आरोप से इनकार

नेतन्याहू ने गाजा में इजराइल पर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने इसे “सदी का सबसे बड़ा झूठ” बताया और कहा कि इजराइल ने नागरिक आबादी की सुरक्षा के लिए कदम उठाए तथा गाजा में भोजन और टीकों की आपूर्ति की अनुमति दी।

हालांकि, गाजा में मानवीय स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार गंभीर चिंताएं जताई जाती रही हैं। नेतन्याहू ने अपने भाषण में इजराइल की कार्रवाई का बचाव करते हुए आलोचकों पर निशाना साधा।

ममदानी और तुर्किये के राष्ट्रपति पर भी हमला

नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की भी आलोचना की। ममदानी ने नेतन्याहू के खिलाफ युद्ध अपराधों के आरोप लगाए हैं और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की ओर से जारी गिरफ्तारी वारंट के पालन की वकालत की है। नेतन्याहू ने इन आरोपों को खारिज करते हुए ममदानी पर हमास समर्थक रुख अपनाने का आरोप लगाया।

उन्होंने तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन की भी आलोचना की और इजराइल की आलोचना करने के लिए उन पर निशाना साधा। दोनों देशों के संबंध 07 अक्टूबर 2023 के हमास हमले और उसके बाद गाजा में इजराइली सैन्य अभियान के बाद काफी तनावपूर्ण रहे हैं।

पश्चिमी देशों को भी जवाब

नेतन्याहू ने ब्रिटेन और फ्रांस की ओर से इजराइल पर लगाए गए औपनिवेशिकता संबंधी आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की ओर से गोलान हाइट्स से इजराइली सैनिकों की वापसी की मांग का भी विरोध किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय

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