

- मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ, केंद्रीय मंत्री गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिखाई हरी झंडी
भोपाल, 25 सितम्बर (हि.स.)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाना सरकार का विजन है। देश में ट्रांसपोर्ट व्यवस्था सुधारने के लिए 5 एजेंडा तैयार किए गए हैं, जिसमें पहला क्लीन ट्रांसपोर्ट है। उन्होंने कहा कि देश के एयर पॉल्यूशन में करीब 40 प्रतिशत हिस्सेदारी ट्रांसपोर्ट सेक्टर की है, जिसकी जिम्मेदारी वे लेते हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में प्रदूषण की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की है और प्रदूषण कम करना सरकार का लक्ष्य है।
केंद्रीय मंत्री गडकरी शुक्रवार को मध्य प्रदेश में 21 साल बाद लोक परिवहन व्यवस्था के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे। राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान से प्रदेश के केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 शहरों के लिए 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा कि गरीबों को एसी बस में अच्छी सुविधाएं मिलनी चाहिए। डीजल बसों की तुलना में टिकट किराया 30 प्रतिशत कम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह उनका सपना है।
21 साल बाद संकल्प पूरा हुआ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले साल प्रदेश में 1,500 बसें चलाने का लक्ष्य है। बस सेवा के विस्तार के जरिए शहरों के साथ गांवों को भी जोड़ा जाएगा और 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक बस कनेक्टिविटी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने आगे चलकर 2031 तक 15 हजार बसों के संचालन का लक्ष्य भी तय किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से ज्यादा सड़कें बन चुकी हैं। इससे छोटे गांवों और कस्बों से आवागमन आसान हुआ है और स्कूल-कॉलेज तथा शहरों तक पहुंच भी सुगम हुई है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री ई-बस और मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा शुरू हो रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार जनता की सुविधा के लिए लगातार फैसले ले रही है। एक लाख पदों पर भर्ती करने की बात भी उन्होंने कही। भोपाल में बीआरटीएस के जंगले हटाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों से लोगों को परेशानी हो रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के समय से पड़ा यूनियन कार्बाइड का कचरा हटाकर उसका निष्पादन किया गया, जिससे भोपाल को जहरीले कचरे से बचाने का काम हुआ।
राहुल गांधी पर बिना नाम लिए साधा निशाना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी बिना नाम लिए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने बंगाल समेत कई राज्यों में चुनाव जीते, लेकिन ‘राजकुमार’ इसे मानने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘राजकुमार‘ अपने खानदान के बलबूते पर है और उसे लगता है कि वह प्रधानमंत्री बनने के लिए पैदा हुआ है, लेकिन यह लोकतंत्र है और जनता सब जानती है। उन्होंने कांग्रेस पर मध्य प्रदेश के लिए कुछ नहीं करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि बस सेवा की शुरुआत कांग्रेस के समय हुई थी, लेकिन इसे धीरे-धीरे बंद कर दिया गया।
सेवा परिवहन क्षेत्र में मील का पत्थर बनेगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन : मंत्री सिंह
परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि 21 साल पहले बंद हुई परिवहन सेवा अब फिर शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा परिवहन क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि बस मालिकों के हितों के साथ कोई टकराव नहीं होगा और व्यवस्था आगे भी सुचारू रूप से चलती रहेगी। कांग्रेस के ‘खटारा बसों की शुरुआत’ वाले बयान पर उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी बस मालिकों का अपमान है।
पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि पहले सरकारी बसों का मतलब मजबूरी में यात्रा करना होता था। उन्होंने कहा कि हम खुद भी इन बसों में बैठकर सफर कर चुके हैं। अब सरकारी बस सेवा की शुरुआत प्रदेश में कनेक्टिविटी बढ़ाने की बड़ी पहल है।
गौरतलब है कि पहले चरण में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड को जोड़ा गया है। कुल 351 बसों में 120 इंटरसिटी और 231 इंट्रासिटी बसें हैं। इंदौर में 145, भोपाल में 106, जबलपुर में 67, रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में 3 और भिंड में 2 बसें शुरू की गई हैं। सरकार की योजना के मुताबिक पहले वर्ष में 1,500 बसें चलेंगी। इसके बाद हर साल करीब 2,500 से 3,000 बसें जोड़ी जाएंगी। 2031 तक प्रदेश में 15 हजार बसें संचालित करने का लक्ष्य है।
351 बसों में से 180 इलेक्ट्रिक
शुरुआत में संचालित होने वाली 351 बसों में 180 इलेक्ट्रिक बसें हैं। इनमें पीएम सुगम सेवा की ई-बसें भी शामिल हैं। आधुनिक सुविधाओं वाली अलग-अलग कंपनियों की बसों को भी सेवा में जोड़ा गया है। ईजी मायट्रिप की सहायक कंपनी ईजी ग्रीनमोबिलिटी की 12 मीटर इलेक्ट्रिक बस में प्रीमियम सीटिंग, एयर वेंट, पर्याप्त लेगरूम, सुविधाजनक एंट्री और आधुनिक कंट्रोल सिस्टम दिए गए हैं। इसमें 423.9 किलोवाट की एलएफपी बैटरी, ईबीएस-ईएससी ब्रेकिंग, ईसीएएस एयर सस्पेंशन और ईएचपीएस स्टीयरिंग जैसी तकनीकें दी गई हैं। नई बस सेवा में सुरक्षा और निगरानी के लिए भी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। उपलब्ध योजना के अनुसार बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और लोकेशन ट्रैकिंग की सुविधा रहेगी तथा संचालन की रियल-टाइम निगरानी की जाएगी।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का दायरा सिर्फ शहरों तक सीमित रखने के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों तक बढ़ाने की योजना है। सरकार का लक्ष्य 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस सेवा से जोड़ना है। इससे छोटे कस्बों और गांवों से शहरों तक आने-जाने वाले लोगों को सार्वजनिक परिवहन का विकल्प उपलब्ध कराने की योजना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत