दलित-आदिवासी सम्मान बैठक बुलाएगी कांग्रेस

27 Sep 2026 14:54:53
कांग्रेस मुख्यालय में दलित-आदिवासी सम्मान बैठक की घोषणा को लेकर पत्रकार वार्ता करते पार्टी नेता।


नई दिल्ली, 27 सितंबर (हि.स.)। कांग्रेस ने 29 सितंबर को दिल्ली में दलित-आदिवासी सम्मान बैठक बुलाने की घोषणा की है। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उत्तराखंड के हल्द्वानी दौरे के बाद हुई कथित शुद्धिकरण घटना, अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों के खिलाफ हो रहे अत्याचार तथा ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। बैठक में लोकसभा और राज्यसभा के कांग्रेस सांसद, पूर्व सांसद, कांग्रेस शासित राज्यों के मंत्री, विधायक तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में तेलंगाना के नागरकुरनूल से सांसद डॉ. मल्लू रवि ने बताया कि 29 सितंबर को दोपहर 2:30 बजे संविधान क्लब के मावलांकर हॉल में दलित-आदिवासी सम्मान बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद हुई कथित शुद्धिकरण घटना पर चर्चा करना है। यह केवल खरगे का नहीं बल्कि पूरे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय का अपमान था।

आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने कहा कि प्रस्तावित बैठक में दलित और आदिवासी समाज के सांसद, विधायक, पूर्व विधायक तथा विधान परिषद सदस्य शामिल होंगे। बैठक में साझा एजेंडा तैयार किया जाएगा और प्रत्येक राज्य में संयुक्त कार्रवाई मंच के माध्यम से दलितों और आदिवासियों के खिलाफ अन्याय तथा अत्याचार के मामलों में संघर्ष किया जाएगा। यह केवल एक बैठक नहीं बल्कि एक कार्रवाई मंच होगा, जो देश के किसी भी हिस्से में होने वाले अत्याचार के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाएगा।

बिहार के सासाराम लोकसभा क्षेत्र से सांसद मनोज कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के दौरान दलितों और आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार के मामलों में वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से सांसद तनुज पुनिया ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से वंचित वर्गों को राजनीतिक समानता का अधिकार दिया था लेकिन सामाजिक और आर्थिक समानता की लड़ाई अभी भी जारी है। हरियाणा से राज्यसभा सांसद कर्मवीर बौद्ध ने कहा कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल की नहीं बल्कि दलितों और आदिवासियों के मान-सम्मान, अधिकारों और न्याय की लड़ाई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

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