जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक 29 सितंबर से मिलवॉकी में, गोयल होंगे शामिल

27 Sep 2026 21:30:53
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का फाइल फोटो


नई दिल्ली/वाशिंगटन, 27 सितंबर (हि.स.)। जी-20 देशों के व्यापार एवं वाणिज्य मंत्री अमेरिका की बदलती शुल्क नीतियों, लंबे समय से जारी ईरान युद्ध और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ रहे दबाव के बीच मिलवॉकी में अहम बैठक करेंगे। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी इसमें शामिल होंगे।

आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को दी जानकारी में बताया कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 29 सितंबर से एक अक्टूबर, 2026 तक अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जैमीसन ग्रीर की मेजबानी में होने वाली जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे।

जैमीसन ग्रीर की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बंधुआ मजदूरी को खत्म करने, ‘सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र’ (एमएफएन) के सिद्धांत को अद्यतन करने, खाद्य उत्पादों के व्यापार को राजनीतिक हथियार बनाने का विरोध करने तथा औद्योगिक क्षमता और अतिरिक्त उत्पादन से निपटने समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी।

इस बीच अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने जारी बयान में कहा कि ग्रीर जी-20 की चर्चा का नेतृत्व करेंगे। इसमें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में जबरन श्रम को खत्म करने और औद्योगिक क्षेत्र में अतिरिक्त क्षमता तथा उत्पादन से निपटने जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं।

जी20 व्यापार मंत्रियों की इस बैठक की शुरुआत मंगलवार शाम को बिजनेस राउंडटेबल और नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स की ओर से आयोजित स्वागत समारोह से होगी। बुधवार सुबह औपचारिक कार्यक्रम की शुरुआत वैश्विक इस्पात अतिरिक्त क्षमता मंच की मंत्रिस्तरीय बैठक से होगी।

सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ग्रीर के साथ द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है। इसमें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर मुख्य रूप से चर्चा होने की उम्मीद है। इस दौरान गोयल अमेरिकी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी बातचीत कर सकते हैं।

भारत और अमेरिका ने फरवरी महीने में द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिका में टैरिफ यानी शुल्क व्यवस्था में हुए बदलावों के कारण इस समझौते पर आगे की बातचीत जारी है।

उल्लेखनीय है कि मिलवॉकी अमेरिका का प्रमुख औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र है। यहां खाद्य एवं पेय पदार्थ, मशीनरी विनिर्माण, ऊर्जा और जल प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों की कई बड़ी कंपनियां हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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