मुंबई के टी एक्सपो में छाई उत्तर बंगाल की ‘तीस्ता’ चाय, व्हाइट टी 75 हजार रुपये किलो बिकी

27 Sep 2026 21:44:53
मुंबई के टी एक्सपो में उत्तर बंगाल स्टॉल


जलपाईगुड़ी, 27 सितंबर (हि. स.)। उत्तर बंगाल की ‘तीस्ता’ चाय ने मुंबई में आयोजित दो दिवसीय ‘इंडियन टी इनोवेशन एक्सपो’ में खूब सुर्खियां बटोरी है। टी बोर्ड की पहल पर आयोजित इस एक्सपो में उत्तर बंगाल के लघु चाय किसानों की चाय को खरीदारों से शानदार प्रतिक्रिया मिली।

मयनागुड़ी के जामतला महिला स्वयं सहायता समूह की स्पेशल कैटेगरी की ‘व्हाइट टी’ 75 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकी है। वहीं, सहकारी आधार पर लघु चाय किसानों द्वारा संचालित देश की बड़ी चाय फैक्ट्रियों में शामिल ‘जय जलपेश स्वयं सहायता समूह’ की फैक्ट्री में तैयार सीटीसी चाय की मांग इतनी अधिक रही कि सभी खरीदारों को उनकी मांग के अनुसार चाय उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। इससे पहले ही पूरा स्टॉक खत्म हो गया।

शनिवार से शुरू हुए एक्सपो का रविवार को अंतिम दिन था। एक्सपो में मिले उत्साह को देखते हुए संबंधित लोगों का मानना है कि महाराष्ट्र और गुजरात जैसे चाय प्रेमी राज्य उत्तर बंगाल के लघु चाय किसानों के लिए नए कारोबारी बाजार बन सकते हैं।

जलपाईगुड़ी जिला लघु चाय किसान समिति के सचिव विजय गोपाल चक्रवर्ती ने बताया कि मुंबई में बड़े चाय विक्रेताओं के साथ बैठक हुई, जिसमें उत्तर बंगाल के लघु चाय किसानों की चाय खरीदने को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा कि टी बोर्ड के इस तरह के कार्यक्रम चाय व्यापार के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने गुजरात, राजस्थान और दिल्ली जैसे स्थानों पर भी इस तरह के एक्सपो आयोजित करने की मांग की है।

जय जलपेश फैक्ट्री के अध्यक्ष रजत राय कार्जी ने कहा कि सीटीसी चाय की इतनी अधिक मांग की उम्मीद नहीं थी। अब पश्चिम और उत्तर भारत को संभावित बाजार के रूप में देखते हुए वहां व्यापार विस्तार की योजना बनाई जा रही है। टी बोर्ड के सहयोग से जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग और कूचबिहार के सात लघु चाय किसान अपने हाथों से तैयार ‘तीस्ता’ ब्रांड की चाय लेकर मुंबई पहुंचे थे। घाटकोपर पश्चिम के आर सिटी मॉल में आयोजित एक्सपो में किसानों ने व्हाइट, ऊलॉन्ग, ऑर्थोडॉक्स, ग्रीन और ब्लू टी जैसी विशेष चाय प्रदर्शित की।

वहीं, मयनागुड़ी की जय जल्पेश फैक्ट्री की ओर से विशेष सुगंध वाली सीटीसी चाय पेश की गई। इससे पहले अगस्त में भी उत्तर बंगाल के लघु चाय किसानों ने दिल्ली में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय चाय मेले में हिस्सा लिया था। वहां जामतला फार्मर्स प्रोड्यूसर्स ऑर्गनाइजेशन की महिला लघु चाय किसानों की हाथ से तैयार व्हाइट टी 75 हजार रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकी थी। इसे एक अमेरिकी खरीदार ने खरीदा था।

संबंधित सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में उत्तर बंगाल के कुल चाय उत्पादन का करीब 69 प्रतिशत हिस्सा लघु चाय किसानों की कच्ची पत्तियों से आता है। अब किसान अपने घरों में भी विशेष किस्म की चाय तैयार कर रहे हैं और उन्हें खरीदारों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

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