प्रधानमंत्री को मिले उपहारों की ई-नीलामी में इसबार राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाली 37 विशिष्ट कलाकृतियां

27 Sep 2026 17:05:53
वार्षिक ई-नीलामी के लिए उपहारों की एक झलक।


नई दिल्ली, 27 सितंबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मिले उपहारों की वार्षिक ई-नीलामी (8वें संस्करण) में इस बार राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, राजसी वैभव, लोक आस्था और पारंपरिक शिल्पकला की सशक्त छाप देखने को मिल रही है।

केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय के अनुसार, इस ई-नीलामी में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाली कुल 37 विशिष्ट कलाकृतियों को शामिल किया गया है, जो राज्य के सदियों पुराने इतिहास और जीवंत परंपराओं को दर्शाती हैं।

संग्रह के प्रमुख आकर्षणों में राजस्थान की पारंपरिक काष्ठ कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन शामिल है। इनमें पारंपरिक नक्काशी और बारीक पैटर्न से सजा, हौदा युक्त हाथ से तराशा गया लकड़ी का भव्य अंबाबारी हाथी, समारोहिक परिचारकों तथा शाही हौदे के साथ सजी लकड़ी की हाथियों की शोभायात्रा का जीवंत दृश्य और पिछवाई से लेकर फड़ चित्रकला तक शामिल है।

राजस्थान की विश्वप्रसिद्ध चित्रकला शैलियों को भी नीलामी सूची में प्रमुख स्थान मिला है। इसमें भी नाथद्वारा की प्रसिद्ध कृष्ण भक्ति परंपरा को दर्शाती श्रीनाथजी की पावन पिछवाई पेंटिग, भगवान लक्ष्मी-नारायण के प्रसंगों को उकेरती पारंपरिक फड़ पेंटिंग और श्रीकृष्ण की रासलीला को चित्रित करती पट्टाचित्र शैली की कलाकृतियां शामिल हैं।

संग्रह में जन-आस्था के प्रमुख केंद्रों और लोक देवताओं से जुड़े प्रतीक चिह्नों में लोक देवता तेजाजी महाराज की अश्वारूढ़ चांदी की स्मृति चिन्ह (उनके पारंपरिक प्रतीक भाले और सर्प को दर्शाया गया है), करौली की कैला माता, जालोर की सुंधा माता, बाड़मेर (बायतू) के खेमा बाबा, पुष्कर का जगतपिता ब्रह्मा मंदिर, श्री कल्याण रायजी महाराज और बांसवाड़ा के ऐतिहासिक मानगढ़ धाम के चित्र, सांस्कृतिक समरसता में अजमेर शरीफ दरगाह की स्थापत्य शैली और सर्वधर्म समभाव की परंपरा को दर्शाती हाथ से बनाई गई फ्रेमयुक्त कलाकृति शामिल है।

इसके अलावा राजस्थानी वस्त्र और आभूषण परंपरा के अंतर्गत रत्न तथा पंख वाले ब्रोच से सजी पारंपरिक पगड़ी, बहुरंगी रूपांकनों वाली पीली पगड़ी और गोटा-किनारी युक्त अंगवस्त्र शामिल किए गए हैं। अयोध्या राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा से संबंधित समाचार पत्रों के फ्रेमयुक्त संस्करण और समकालीन स्मृति चिह्न भी इस नीलामी का हिस्सा हैं।

मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री स्मृति चिन्ह ई-नीलामी का यह 8वां संस्करण 2 अक्टूबर तक चलेगा। इन ऐतिहासिक व सांस्कृतिक कलाकृतियों की विस्तृत सूची देखने और बोली प्रक्रिया में भाग लेने के लिए नागरिक आधिकारिक पोर्टल pmmementos.gov.in पर जा सकते हैं। इस नीलामी से प्राप्त राशि का उपयोग जनकल्याणकारी परियोजनाओं में किया जाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्रद्धा द्विवेदी

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