गोयल ने कहा-अनुकूल नीतियों के चलते पसंदीदा निवेश गंतव्य बनकर उभरा यूपी

27 Sep 2026 17:30:53
'यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो' 2026 को संबोधित करते पीयूष गोयल


'यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो' 2026 में  पीयूष गोयल


'यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो' 2026 में पीयूष गोयल


नई दिल्ली, 27 सितंबर (हि.स.)। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि अनुकूल औद्योगिक नीतियों और बड़ी कंपनियों को आकर्षित करने की अपनी क्षमता के चलते उत्तर प्रदेश (यूपी) घरेलू और वैश्विक निवेशकों के लिए एक पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि निर्यात, निवेश और वैश्विक बाजारों तक पहुंच के विस्तार से उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में योगदान मिलेगा।

गोयल ने ग्रेटर नोएडा में 'यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो' को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य के राजस्व संग्रह में हुई उल्लेखनीय वृद्धि ने प्रदेश के विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाई है। इस समय राज्य का सालाना निर्यात लगभग दो लाख करोड़ रुपये है और इसे 2030 तक बढ़ाकर पांच लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित चौथे 'यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो' को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘अपनी अनुकूल औद्योगिक नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश एक पसंदीदा निवेश गंतव्य बन चुका है।’’

उन्होंने आगे कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख कॉरपोरेट घराने और वैश्विक निवेशक आ रहे हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

गोयल ने बताया कि राज्य का आबकारी शुल्क संग्रह वित्त वर्ष 2016-17 के 14,273 करोड़ रुपये के मुकाबले चार गुना से अधिक होकर वित्त वर्ष 2025-26 में 60,728 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं, चालू वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक इसके 70,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि स्टाम्प शुल्क संग्रह सहित भूमि हस्तांतरण पंजीकरण शुल्क भी वित्त वर्ष 2016-17 के 11,564 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 43,802 करोड़ रुपये हो गया है।

गोयल ने कहा कि खनन राजस्व संग्रह में भी इसी प्रकार की भारी वृद्धि दर्ज की गई है और इस पूरे राजस्व का इस्तेमाल राज्य की आर्थिक वृद्धि के लिए किया जा रहा है। उन्हाेंने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास का अगला पड़ाव वैश्विक बाजारों में निर्यात बढ़ाना, अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करना, पर्यटन को सुदृढ़ बनाना और राज्य के स्थानीय ब्रांड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री ने एक्स पर जारी एक पोस्ट में लिखा, आज यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण में उत्तर प्रदेश के सामर्थ्य, हुनर और वैश्विक अवसरों के संगम को करीब से देखने और अपने विचार साझा करने का अवसर मिला। गोयल ने कहा कि एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और इंडस्ट्रियल पार्क से लेकर डिफेंस, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर तक, उत्तर प्रदेश ने विकास की मजबूत नींव तैयार की है।

उन्होनें कहा कि उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट के लिए तैयार, ब्रांड के लिए तैयार और विश्वसनीय विनिर्माण भागीदार बनाने की दिशा में प्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। गोयल ने कहा युवा शक्ति, एमएसएमई, कारीगरों और नई तकनीक के सामर्थ्य से लोकल को ग्लोबल बनाना ही विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत का लक्ष्य है। व्यापार मेला के ये पांच दिन केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं, बल्कि वर्षभर चलने वाले वैश्विक व्यापार के नए अवसरों का आरंभ हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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