
आइची-नागोया, 28 सितंबर (हि.स.)। भारतीय धावक गुलवीर सिंह ने एशियन खेल-2026 में पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। गुलवीर ने फाइनल में 3:36.72 मिनट का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया।
जापान के काज़ुटो इइज़ावा ने 3:36.35 मिनट के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने इस दौरान नया एशियन खेल रिकॉर्ड भी बनाया। इइज़ावा ने गुलवीर को महज 0.37 सेकंड के अंतर से पीछे छोड़ा। जापान के ही नागिया मोरी ने 3:37.92 मिनट के समय के साथ कांस्य पदक जीता।
गुलवीर शुरुआत से ही पदक की दौड़ में बने रहे। उन्होंने अंतिम चरण में अपनी गति बढ़ाते हुए मजबूत चुनौती पेश की, लेकिन इइज़ावा ने आखिरी कुछ मीटर में अपनी बढ़त बनाए रखी और स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। भारत के यूनुस शाह 3:43.88 मिनट के समय के साथ नौवें स्थान पर रहे।
यह गुलवीर का इन एशियन खेल में दूसरा पदक है। इससे पहले वह पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में भी रजत पदक जीत चुके हैं। हांगझोऊ एशियन खेल में उन्होंने 10,000 मीटर में कांस्य पदक जीता था।
अलीगढ़ के रहने वाले गुलवीर सिंह भारतीय सेना में नायब सूबेदार हैं। उन्होंने 2018 में ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में शामिल होने के बाद एथलेटिक्स में लगातार अपनी पहचान बनाई। वह 5000 मीटर, 10,000 मीटर, एक मील और हाफ मैराथन में भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं।
2025 में गुलवीर 4 मिनट से कम समय में एक मील दौड़ने वाले पहले भारतीय बने थे। उन्होंने 3:55.63 का समय निकाला था। इसी साल उन्होंने 59:42 के समय के साथ एक घंटे से कम समय में हाफ मैराथन पूरा करने वाले पहले भारतीय होने का गौरव भी हासिल किया। इनडोर 5000 मीटर में 12:59.77 का समय निकालकर वह 13 मिनट से कम समय में दौड़ने वाले पहले एशियाई एथलीट भी बने थे।
गुलवीर फरवरी 2025 से टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के तहत सहायता प्राप्त एथलीट हैं। एशियन खेल की तैयारी के लिए उन्हें अमेरिका के कोलोराडो स्प्रिंग्स में प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी और जरूरी खेल उपकरणों के लिए सहायता मिली है। एशियन खेल चक्र के दौरान टॉप्स के तहत उन्हें 23,29,270 रुपये और वार्षिक प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता कैलेंडर के तहत 17,10,825 रुपये की वित्तीय सहायता मिली है।
इस रजत पदक के साथ एशियन खेल 2026 में भारत के पदकों की संख्या 41 हो गई है। भारत के खाते में अब चार स्वर्ण, 18 रजत और 19 कांस्य पदक हैं। पदक तालिका में भारत 12वें स्थान पर है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे