एफएक्स मल्टिटेक की स्टॉक मार्केट में मजबूत एंट्री, प्रीमियम लिस्टिंग के बाद लगा अपर सर्किट

28 Sep 2026 12:54:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 28 सितंबर (हि.स.)। एचवीएसी और इंडस्ट्रियल रेफ्रिजरेशन का काम करने वाली कंपना एफएक्स मल्टिटेक के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 116 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 6.08 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 123.05 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण ये शेयर कुछ देर में ही फिसल कर 117 रुपये के स्तर तक गिर गए। हालांकि, थोड़ी देर बाद ही खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे इस शेयर की चाल में तेजी आ गई। खरीदारी के सपोर्ट से कंपनी के शेयर 129.20 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर आ गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 13.20 रुपये यानी 11.38 प्रतिशत का फायदा हो गया।

इस कंपनी का 45 करोड़ रुपये का आईपीओ 21 से 23 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 17.72 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 20.95 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 25.98 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 12.31 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 39 लाख शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 41 करोड़ रुपये के 35.52 लाख नए शेयर जारी किये गए हैं, जबकि लगभग चार करोड़ रुपये के शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नई मशीनरी खरीदने, अपनी सब्सिडियरी एवरेस्ट चिलर्स में फ्रेश इनवेस्टमेंट करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

एफएक्स मल्टिटेक लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 4.18 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 9.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 11.54 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 68.74 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 102.34 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 111.90 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 11.24 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 17.32 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 18.42 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 16.71 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 26.35 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 37.89 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर भी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 16.45 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसके अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और फिसल कर 15.54 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 27.08 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 6.95 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 14.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 19.37 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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