विवेकानंद कॉट्सपिन की स्टॉक मार्केट में मामूली बढ़त के साथ शुरुआत, बाद में खरीदारी के सपोर्ट से लगा अपर सर्किट

28 Sep 2026 12:10:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 28 सितंबर (हि.स.)। टेक्सटाइल सेक्टर के लिए काम करने वाली कंपनी विवेकानंद कॉट्सपिन लिमिटेड के शेयर साेमवार काे स्टॉक मार्केट में मामूली बढ़त के साथ लिस्ट हुए। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 37 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग सिर्फ 2.70 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 38 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद खरीदारों ने लिवाली का जोर बना दिया। लगातार हो रही लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही उछल कर 39.90 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 2.90 रुपये यानी 7.84 प्रतिशत का फायदा हो गया।

इस कंपनी का 22.20 करोड़ रुपये का आईपीओ 21 से 23 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.54 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 1.08 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 2.52 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.76 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 60 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी प्लांट सेटअप करने, नई मशीनरी की खरीदारी करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

विवेकानंद कॉट्सपिन लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत उतार चढ़ाव के बावजूद मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 3.35 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 4.07 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ घट कर 3.69 करोड़ रुपये रह गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 358.02 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 290.94 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 409.32 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 40.02 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 54.76 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ घट कर 45 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 20.62 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ घट कर 17.26 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 28.94 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर भी उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 5.62 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस घट कर 2.26 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस जबरदस्त उछाल के साथ 12.69 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 14.59 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में भी इसी स्तर पर यानी 12.25 करोड़ रुपये के स्तर पर ही रहा। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 15.09 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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