ईरान का दावा - आईआरजीसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका का दूसरा अंडरवॉटर ड्रोन पकड़ा

28 Sep 2026 10:06:53
होर्मुज जलडमरूमध्य में आईआरजीसी द्वारा पकड़े गए अंडरवॉटर ड्रोन की तस्वीर


तेहरान, 26 सितंबर (हि.स.)। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जासूसी गतिविधियों में लगे अमेरिका के एक और ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल (एयूवी) को रोककर जब्त कर लिया है। यह सितंबर के बाद ऐसी दूसरी कार्रवाई बताई जा रही है।

ईरान सरकार की अंतरराष्ट्रीय समाचार नेटवर्क प्रेस टीवी

के मुताबिक, आईआरजीसी नौसेना ने रविवार काे जारी बयान में कहा कि उसके बलों ने खुफिया जानकारी और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं का इस्तेमाल करते हुए एक “समन्वित और जटिल ऑपरेशन” के तहत अमेरिकी अंडरवॉटर ड्रोन को पकड़ा। आईआरजीसी के अनुसार, यह ड्रोन होर्मुज जलडमरूमध्य में निगरानी और जासूसी गतिविधियों में शामिल था।

ईरानी बलों ने जब्त किए गए ड्रोन की पहचान ‘रेमस 600’ के रूप में की है। यह एक उन्नत ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल है, जिसे बिना चालक के समुद्र के भीतर विभिन्न मिशनों के लिए संचालित किया जा सकता है। आईआरजीसी ने कहा कि ड्रोन अब उसके विशेषज्ञों के कब्जे में है और उससे संबंधित जानकारी हासिल करने का काम किया जा रहा है।

आईआरजीसी नौसेना ने अपने बयान में यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है और वह जलमार्ग में “खतरनाक गतिविधियों और बिना अनुमति आवाजाही” के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी।

इससे पहले सितंबर में आईआरजीसी नौसेना ने दावा किया था कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास अमेरिका के एक अन्य उन्नत मानवरहित अंडरवॉटर व्हीकल को रोका और जब्त किया था। उस सिस्टम की पहचान ‘डाइव-एलडी’ (डाइव-एलडी) के रूप में की गई थी।

आईआरजीसी के मुताबिक, डाइव-एलडी को अमेरिकी रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी एंडुरिल इंडस्ट्रीज ने विकसित किया है और इसे अमेरिकी नौसेना के मानवरहित अंडरसी व्हीकल कार्यक्रम के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

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