हिमालय की सुरक्षा के लिए बने समेकित विकास योजना: मुरली मनोहर जोशी

28 Sep 2026 22:11:53
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ मुरली मनोहर जोशी


नई दिल्ली, 28 सितंबर (हि.स.)।

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने हिमालयी क्षेत्र में बढ़ती पर्यावरणीय आपदाओं और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि हिमालय की संधारण क्षमता से अधिक बोझ डालने के कारण वहां जनजीवन प्रभावित हो रहा है। हिमालयी गांवों से पलायन बढ़ रहा है और प्राकृतिक आपदाओं के कारण सड़कें, भवन और अन्य निर्माण कार्य भी लगातार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।

सोमवार को एक्स पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए डॉ. जोशी ने कहा कि हिमालय भारत की संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में इसकी अनदेखी देश के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकती है। उन्होंने हिमालयी राज्यों से पूरे हिमालय क्षेत्र के लिए समेकित और सर्वांगीण विकास योजना बनाने पर तत्काल विचार करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि हिमालय केवल कुछ राज्यों से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि इसके कारण पूरा देश संरक्षित और जीवित है। उन्होंने हिमालय को पूरे देश की साझा धरोहर बताते हुए इसकी रक्षा को राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताया।

वैज्ञानिक रिपोर्टों को नजरअंदाज न करने की अपील

भाजपा नेता ने कहा कि वैज्ञानिकों, भूगर्भशास्त्रियों, भू-वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों और जैव विविधता के विद्वानों की रिपोर्टों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने बिना पर्याप्त वैज्ञानिक अध्ययन के हिमालयी क्षेत्रों में विकास, पर्यटन और अन्य गतिविधियां बढ़ाने पर चिंता जताई।

डॉ. जोशी ने केंद्र और हिमालयी राज्यों की सरकारों से ऐसी योजनाओं को बढ़ावा देने का आग्रह किया, जिनमें पर्यावरण संरक्षण, विकास, देश की सुरक्षा और संस्कृति के संरक्षण के बीच संतुलन कायम हो। उन्होंने कहा, “हिमालय है तो हम हैं।”

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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