सब्सक्रिप्शन के लिए खुला एक्मे यूनिवर्सल का पब्लिक इश्यू, 6 अक्टूबर को हो सकती है लिस्टिंग

28 Sep 2026 14:48:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 28 सितंबर (हि.स.)। पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, खासकर इंडस्ट्रियल सेफ्टी फूटवियर बनाने वाली कंपनी एक्मे यूनिवर्सल सेफजोन 9 लिमिटेड का 35.93 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 30 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद एक अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि पांच सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर छह अक्टूबर को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद दोपहर 2:40 बजे तक यह आईपीओ सिर्फ 9 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 65 रुपये से लेकर 71 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,600 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 3,200 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,27,200 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 50,60,800 नए शेयर जारी हो रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 59.03 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 25.90 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 11.15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 3.92 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए एक्सपर्ट ग्लोबल कंसलटेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि मां शीतला सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। जेएंडके सिक्योरिटीज एंड सर्विसेज प्राइवटे लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

एक्मे यूनिवर्सल की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में लगतार उतार-चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 7.56 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 80 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 5.86 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 181.67 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 191.31 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 211.16 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 44.51 रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 49.65 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 58.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 41.96 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 46.91 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये उछल कर 52.77 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर उतार-चढ़ाव का सामना करती रही। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 37.50 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 42.23 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस कम होकर 38.74 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 14.55 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में घट कर 9.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 15.15 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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