
नई दिल्ली, 28 सितंबर (हि.स.)। पिंड पंजाब ब्रांड के तहत देश के कई हिस्सों में होटल और रेस्त्रां का संचालन करने वाली कंपनी पिंड हॉस्पिटैलिटी लिमिटेड का 17.82 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 30 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद एक अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि पांच अक्टूबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर छह अक्टूबर को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले दिन के अंत तक यह आईपीओ सिर्फ दो प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 93 रुपये से लेकर 99 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,37,600 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 18 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए एक प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 46.93 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 47 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.07 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए फेडेक्स सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। भंसाली वैल्यू क्रिएशंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
पिंड हॉस्पिटैलिटी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में मामूली उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.21 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2.56 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ घट कर 2.27 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 20.87 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 23.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 24.91 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर कर्ज का बोझ भी लद गया। वित्त वर्ष 2023-24 और वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त थी, लेकिन पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर 12.74 करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 9.69 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 12.25 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये उछल कर 14.52 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर लगातार आगे बढ़ती रही। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 5.49 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 8.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 10.32 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 3.10 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 3.69 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 3.95 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक