यूक्रेन के लिए यूरोपीय समर्थन आने वाले महीनों में घट सकता है : जेफ्री रॉबर्ट्स

29 Sep 2026 17:43:53
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की (फाइल फाेटाे)


इस्त्रा (मॉस्को), 29 सितंबर (हि.स./रिया नोवोस्ती)। यूनिवर्सिटी कॉलेज कॉर्क (आयरलैंड) के इतिहास विभाग के प्रोफेसर एमेरिटस जेफ्री रॉबर्ट्स ने कहा है कि बदलती जनभावनाओं के कारण आने वाले महीनों में यूक्रेन के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) का समर्थन काफी कम हो सकता है या रुक सकता है। उन्होंने यह बात वल्दाई डिस्कशन क्लब के दौरान कही।

रिया नोवोस्ती से बातचीत में रॉबर्ट्स ने कहा कि यूरोप में युद्ध को लेकर जनमत में बदलाव दिखाई दे रहा है और इसका व्यावहारिक असर भी पड़ सकता है। उनके अनुसार, अगले कुछ महीनों में यूक्रेन के लिए ईयू के समर्थन की मौजूदा प्रक्रिया रुकने की संभावना है।

संभावित बदलाव के उदाहरण के तौर पर उन्होंने फ्रांस के आगामी राष्ट्रपति चुनाव का उल्लेख किया। रॉबर्ट्स ने कहा कि यदि मरीन ले पेन 2027 का राष्ट्रपति चुनाव जीतती हैं तो इससे फ्रांस की स्थिति और व्यापक यूरोपीय नीति में बुनियादी बदलाव हो सकता है।

रॉबर्ट्स ने रूस के साथ संभावित संघर्ष को लेकर कुछ यूरोपीय देशों की बयानबाजी पर भी टिप्पणी की। उनके अनुसार, ऐसी बयानबाजी यूरोपीय सुरक्षा को कमजोर करने के साथ ही यूरोप और नाटो के भीतर रूस को लेकर मौजूद मतभेदों को बढ़ा सकती है। उन्होंने रूस और पश्चिम के बीच संबंधों को सुधारने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।

रॉबर्ट्स के मुताबिक, यूरोपीय देशों, नाटो, ईयू, रूस और अन्य देशों के बीच सहयोग और एक-दूसरे की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखकर ही दीर्घकालिक सुरक्षा व्यवस्था बनाई जा सकती है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले भी कह चुके हैं कि रूस यूरोप के साथ संघर्ष की तैयारी नहीं कर रहा है और ऐसी आशंकाओं का कोई आधार नहीं है।

वल्दाई डिस्कशन क्लब की 23वीं वार्षिक बैठक 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक मॉस्को क्षेत्र में आयोजित हो रही है। इसमें 40 देशों के करीब 120 प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। इस वर्ष बैठक का विषय “भविष्य की जिम्मेदारी : क्या मुमकिन है उसकी सीमाएं या असीमित संभावनाएं” है। चार दिवसीय कार्यक्रम का समापन 1 अक्टूबर को पूर्ण सत्र (प्लेनरी सेशन) के साथ होगा।-----------

हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी

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