स्टॉक मार्केट में वर्मोरा ग्रैनिटो की प्रीमियम एंट्री, मुनाफे में आईपीओ निवेशक

29 Sep 2026 11:31:53
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 29 सितंबर (हि.स.)। सिरेमिक और विट्रिफाइड टाइल्स, बाथवेयर और सैनिटरीवेयर का निर्माण करने वाली कंपनी वर्मोरा ग्रैनिटो लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री कर कारोबार की शुरुआत की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 148 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग चार प्रतिशत से अधिक प्रीमियम के साथ 152 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 155 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली होने की वजह से ये शेयर गिर कर 151.75 रुपये के स्तर तक आया। वहीं लिवाली शुरू हो जाने पर उछल कर 163.77 रुपये के स्तर तक भी पहुंचा। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच सुबह 11:15 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 152.72 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 4.72 रुपये यानी 3.19 प्रतिशत के नुकसान में थे।

इस कंपनी का 708.02 करोड़ रुपये का आईपीओ 22 से 24 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.60 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 3.10 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 0.94 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.02 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 2 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 4,78,39,255 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 320 करोड़ रुपये के 2,16,21,621 नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि लगभग 388 करोड़ रुपये के 2,62,17,634 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

वर्मोरा ग्रैनिटो लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत उतार चढ़ाव होने के बावजूद लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 44.94 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 30.77 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 55.09 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 1,472.58 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,492.68 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 1,562.53 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 412.89 रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 505.16 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ घट कर 357.95 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 678.59 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 722.90 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 796.88 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 630.20 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछाल के साथ 691.72 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 765.70 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 150.33 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 198.29 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 221.56 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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