तकनीक और महिला सशक्तिकरण को साथ लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता: विजया रहाटकर

29 Sep 2026 23:52:53
ग्वालियर में ‘यशोदा एआई 2.0’ अभियान के अंतर्गत कार्यशाला का आयोजन


- महिलाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यशाला आयोजित

ग्वालियर, 29 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया के. रहाटकर ने ‘यशोदा एआई 2.0’ के माध्यम से महिलाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने पर जोर देते हुए कहा कि आज के दौर में तकनीक और महिला सशक्तिकरण को साथ लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ मानवीय बुद्धिमत्ता, मानवीय मूल्य और मानवीय गरिमा भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष मंगलवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में ‘यशोदा एआई 2.0’ अभियान के अंतर्गत लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान में आयोजित कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं साइबर सुरक्षा विषय पर विशेष प्रशिक्षण सत्र को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि ‘यशोदा एआई’ केवल कृत्रिम बुद्धिमत्ता सिखाने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि महिलाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ने, उन्हें डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने का राष्ट्रीय प्रयास है।

विजया रहाटकर ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता बच्चों की पढ़ाई की सामग्री को सरल भाषा में समझाने, दैनिक कार्यों की योजना बनाने, विभिन्न विषयों की जानकारी व्यवस्थित करने तथा छोटे व्यवसाय के लिए उत्पाद विवरण, पोस्टर और सामाजिक माध्यमों की सामग्री तैयार करने में सहायक हो सकती है। उन्होंने महिलाओं से कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग समझदारी और सावधानी के साथ करने तथा व्यक्तिगत जानकारी एवं निजता की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा संचालित ‘यशोदा एआई’ का उद्देश्य महिलाओं को तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाकर उन्हें देश की प्रगति में अधिक प्रभावी भागीदारी के लिए तैयार करना है।

कार्यशाला में मप्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान लिंक को नहीं खोलना चाहिए तथा मोबाइल पर संदिग्ध या आपत्तिजनक सामग्री प्राप्त होने पर उसे परिवार के सदस्यों के साथ साझा कर आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि ‘यशोदा एआई’ पहल के माध्यम से महिलाओं को आधुनिक तकनीक का उपयोग कर शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी देने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही महिलाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उपकरणों के व्यावहारिक उपयोग तथा डिजिटल माध्यमों के प्रति आत्मविश्वास विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

राज्य महिला आयोग की सदस्य साधना स्थापक ने कहा कि हम उन्नत डिजिटल युग की ओर बढ़ रहे हैं, इसलिए तकनीक का उपयोग सावधानी एवं जागरूकता के साथ किया जाना आवश्यक है। उन्होंने साइबर अपराधों से बचाव के लिए साइबर हेल्पलाइन 1930 के अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।

राज्य महिला आयोग के सचिव सुरेश तोमर ने डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग पर जानकारी देते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग दैनिक जीवन को सरल बनाने के साथ-साथ मानसिक तनाव कम करने में भी सहायक हो सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों से एक-दूसरे को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने, एकमुश्त पासवर्ड संबंधी धोखाधड़ी से बचने, ब्लैकमेलिंग की घटनाओं के प्रति सतर्क रहने तथा डिजिटल माध्यमों से संबंधित नियमों एवं प्रावधानों की जानकारी रखने का आग्रह किया।

राष्ट्रीय महिला आयोग के उप निदेशक रामावतार सिंह ने महिला हेल्पलाइन 1090 के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सदुपयोग पर जोर देते हुए कहा कि इसका उपयोग बच्चों की पढ़ाई, दैनिक कार्यों एवं अन्य उपयोगी गतिविधियों में किया जा सकता है, लेकिन इसके साथ निजता एवं डिजिटल सुरक्षा का ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला कम से कम दस अन्य महिलाओं को डिजिटल सुरक्षा एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग के संबंध में जागरूक करे।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया के. रहाटकर के मार्गदर्शन मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग के सहयोग से संचालित ‘यशोदा एआई 2.0’ अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला में महावीर फाउंडेशन, दिल्ली से आए कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशिक्षक जतिन माटा ने प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों, डिजिटल जागरूकता एवं साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को तकनीक का सुरक्षित एवं उपयोगी तरीके से प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन परियोजना अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता ने किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग ग्वालियर संभाग की संयुक्त संचालक सीमा शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी उपासना राय, सहायक संचालक राहुल पाठक, परियोजना अधिकारी ज्ञानेन्द्र शर्मा एवं परियोजना अधिकारी रेखा तिवारी सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रबुद्ध महिलाएं उपस्थित रहीं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

Powered By Sangraha 9.0