
गुवाहाटी, 03 सितंबर (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया कि बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों ने भारत में कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे 22 लोगों को रोक दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों ने इन लोगों की पहचान कर उन्हें सीमा रेखा पर ही भारत में प्रवेश करने से रोक दिया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सतर्क सुरक्षा बलों ने 22 लोगों की पहचान की, जो कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से भारत में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी को बॉर्डर लाइन पर ही रोक दिया गया।
मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, “असम दी गली विच : नो एंट्री।” उन्होंने घुसपैठ की कोशिशों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसी सभी कोशिशों का यही हश्र होगा।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये लोग किस देश के नागरिक थे और उन्हें असम के किस स्थान पर भारत में प्रवेश करने से रोका गया।
गाैरतलब है कि, असम के श्रीभूमि, कछार, धुबरी और दक्षिण सालमारा-मानकाचर जिलों से बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है। इन जिलों में भारत-बांग्लादेश सीमा की कुल लंबाई करीब 267.5 किलोमीटर है।
पूर्वोत्तर भारत में भारत-बांग्लादेश सीमा पर तीन इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) हैं। इनमें असम के श्रीभूमि जिले में सुतारकांडी, मेघालय में डावकी और त्रिपुरा में अखौरा शामिल हैं। इसके अलावा भारत-भूटान सीमा पर असम के दर्रांगा में भी एक इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट मौजूद है।
असम पुलिस पहले भी कह चुकी है कि बांग्लादेश में 2024 के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद राज्य में सीमा सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) मिलकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि बांग्लादेश से गैर-भारतीय नागरिकों के किसी भी अवैध प्रवेश को कानून के मुताबिक रोका जा सके।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा लगातार असम की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कथित अवैध घुसपैठ का मुद्दा उठाते रहे हैं। ताजा मामले में भी उन्होंने सुरक्षा बलों की सतर्कता की सराहना करते हुए स्पष्ट किया कि सीमा पार से अवैध प्रवेश की कोशिशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश