जल प्रबंधन पर भाजपा की कार्यशाला, 14 राज्यों के 25 मंत्री हुए शामिल

03 Sep 2026 15:16:53
विनय सहस्त्र बुद्धि फाइल फोटो


नई दिल्ली, 03 सितंबर (हि.स.) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) द्वारा आयाेजित जल प्रबंधन की कार्यशाला में 14 राज्यों ने अपने अपने अनुभव साझा किये और पानी के बेहतर संरक्षण एवं प्रबंधन के उपाय सीखे।

भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय सहस्त्रबुद्धे ने मीडिया को इस कार्यशाला के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह कार्यशाला जल से जुड़े विभिन्न विभागों के कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने और राज्यों में जल प्रबंधन को बेहतर करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।

विनय सहस्त्रबुद्धे के मुताबिक, इससे पहले केन्द्र सरकार की ओर से सभी राज्यों के जलशक्ति मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित किया गया था। उसके समापन के बाद भाजपा की यह कार्यशाला शुरू हुई। कार्यशाला का उद्घाटन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने किया। इसके बाद आज विभिन्न विषयों पर सत्र आयोजित किए गये।

उन्होंने बताया कि कार्यशाला में 14 राज्यों के 25 जलशक्ति मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इनमें सिंचाई, ग्रामीण पेयजल, पेयजल एवं स्वच्छता और जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग जैसे जल से जुड़े विभागों को संभालने वाले मंत्री शामिल हैं। कार्यशाला के पहले सत्र में ‘इफेक्टिव मिनिस्ट्रियल एस्टैब्लिशमेंट’ यानी मंत्रालय के कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने के तरीकों पर चर्चा हुई। इसके बाद विशेषज्ञों ने ‘इंडिया वाटर स्टोरी’ के तहत भारत में जल संसाधनों की मौजूदा स्थिति और उनसे जुड़ी चुनौतियों पर जानकारी दी।

सहस्त्रबुद्धे ने बताया कि कार्यशाला में संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय और संबंधों को लेकर भी एक सत्र आयोजित किया गया। अन्य सत्रों में जल प्रबंधन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य राज्यों में जल से जुड़े विभागों के कामकाज को बेहतर बनाने, अनुभव साझा करने और जल प्रबंधन को लेकर प्रभावी रणनीति तैयार करने में मदद करना है। कार्यशाला पूरी होने के बाद सभी मंत्री अपने-अपने राज्यों में नये अनुभवों को शासन में क्रियान्वित करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सौरव राय

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