
नई दिल्ली, 03 सितंबर (हि.स.)। भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं सांसद तरुण चुघ ने कहा कि भगवंत मान सरकार पंजाब के किसानों के हितों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रही है। किसान मजदूर मोर्चा द्वारा 14 सितंबर से पंजाब के मंत्रियों और नेताओं के आवासों के बाहर धरना देने का फैसला भगवंत मान सरकार की किसान विरोधी नीतियों और किसानों के मुद्दों पर उसकी विफलता को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि किसानों का बार-बार सड़कों पर उतरने को मजबूर होना इस बात का प्रमाण है कि आप सरकार सत्ता में आने से पहले किसानों से किए अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है।
तरुण चुघ ने कहा कि किसान मजदूर मोर्चा बासमती, मक्का, मूंग, सरसों और आलू की एमएसपी पर सरकारी खरीद की मांग कर रहा है। किसानों का आरोप है कि उन्हें इन फसलों को लाभकारी कीमतों से कम पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मोर्चे ने किसानों और कृषि मजदूरों की पूर्ण कर्जमाफी की मांग भी की है।
गुरुवार को जारी अपने एक बयान में तरुण चुघ ने कहा कि ये मांगें भगवंत मान सरकार के किसान हितैषी होने के दावों की पोल खोलती हैं।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने चुनाव से पहले किसानों से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें बार-बार आंदोलन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आज किसान एमएसपी पर खरीद, कर्ज से मुक्ति और फसल नुकसान के खिलाफ सुरक्षा जैसी अपनी बुनियादी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
तरुण चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने लगातार एमएसपी बढ़ाकर, पीएम-किसान के माध्यम से आर्थिक सहायता देकर और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए फसल नुकसान के जोखिम से किसानों को सुरक्षा प्रदान की है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना देश के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है, जबकि पंजाब सरकार ने अभी तक इस योजना को राज्य में लागू नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा का अंतर बिल्कुल स्पष्ट है। हरियाणा की भाजपा सरकार 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित कर रही है। दूसरी ओर पंजाब में किसान एमएसपी पर प्रभावी सरकारी खरीद की मांग को लेकर आप मंत्रियों के आवासों के बाहर धरना देने को मजबूर हैं। इससे साफ है कि समस्या एमएसपी व्यवस्था में नहीं, बल्कि पंजाब सरकार की नीयत और नीतियों में है।
तरुण चुघ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एमएसपी, प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता और फसल बीमा के माध्यम से किसानों को सुरक्षा दे रहे हैं, जबकि भगवंत मान सरकार किसानों को आश्वासन और प्रचार के अलावा कुछ नहीं दे रही। पंजाब के किसानों को पूरा अधिकार है कि वे आप से पूछें कि सत्ता में आने के बाद उनके लिए वास्तव में किया क्या गया है।
उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार को किसानों को गुमराह करना बंद कर उनकी जायज मांगों का जवाब देना चाहिए। पंजाब के किसानों को अब और वादे या प्रचार नहीं चाहिए। उन्हें अपनी फसल की एमएसपी पर खरीद, कर्ज से राहत और फसल नुकसान के खिलाफ सुरक्षा चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी