5जी एंबुलेंस से किडनी ट्रांसप्लांट तक, ईएसआईसी सनथ नगर बना डिजिटल हेल्थ का मॉडल सेंटर, दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचेगी विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवा

03 Sep 2026 21:27:53
अस्पताल की डीन डॉ. एस. सीथालक्ष्मी ने प्रतिनिधिमंडल को जानकारी देती।


-5जी एंबुलेंस से किडनी ट्रांसप्लांट तक, ईएसआईसी सनथ नगर बना डिजिटल हेल्थ का मॉडल सेंटर

हैदराबाद/देहरादून, 03 सितंबर (हि.स.)। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) का सनथ नगर परिसर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा, उन्नत उपचार और डिजिटल हेल्थ के क्षेत्र में एक प्रमुख मॉडल संस्थान के रूप में उभर रहा है। टेलीमेडिसिन से 5जी एंबुलेंस तक, उत्तराखंड के दुर्गम क्षेत्रों में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की राह आसान करेगा। 1,044 बेड की एकीकृत स्वास्थ्य सुविधा, किडनी ट्रांसप्लांट, अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सेवाओं,5जी-सक्षम एंबुलेंस और डिजिटल मरीज सेवाओं के साथ यह केंद्र ईएसआईसी नेटवर्क में अपनी अलग पहचान बना रहा है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत पीआईबी देहरादून की ओर से हैदराबाद के प्रेस दौरे पर आए उत्तराखंड के 15 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सनथ नगर का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने अस्पताल की चिकित्सा, शैक्षणिक, प्रयोगशाला और डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।

उत्तराखंड से आए मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को ईएसआईसी सनथ नगर परिसर का दौरा कर यहां संचालित चिकित्सा सुविधाओं, डिजिटल हेल्थ सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान गतिविधियों की जानकारी ली।

अस्पताल की डीन डॉ. एस. सीथालक्ष्मी ने प्रतिनिधिमंडल को संस्थान की उपलब्धियों और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी।प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि ईएसआईसी सनथ नगर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा और आधुनिक चिकित्सा तकनीक के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित हो रहा है।

उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में ईएसआईसी सनथ नगर का डिजिटल हेल्थ मॉडल महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। 5जी-सक्षम एंबुलेंस, टेलीमेडिसिन और सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं के जरिए अस्पताल ने आधुनिक स्वास्थ्य सेवा का ऐसा मॉडल विकसित किया है, जिसे पर्वतीय क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है।

दौरे के दौरान 5जी-सक्षम एंबुलेंस विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस तकनीक के माध्यम से मरीज को अस्पताल पहुंचने से पहले ही विशेषज्ञ चिकित्सकों से जोड़ा जा सकता है और आवश्यक चिकित्सा निगरानी शुरू की जा सकती है। उत्तराखंड के पर्वतीय और दूरस्थ इलाकों में दुर्घटना, हृदय संबंधी आपात स्थिति तथा गंभीर मरीजों के लिए ऐसी व्यवस्था विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है।

ईएसआईसी सनथ नगर में किडनी ट्रांसप्लांट सहित सुपर स्पेशियलिटी उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा कैंसर, टीबी, डायबिटीज और किडनी रोगों के उपचार के साथ इन क्षेत्रों में शोध पर भी जोर दिया जा रहा है। आधुनिक प्रयोगशालाओं और चिकित्सा उपकरणों की जानकारी भी प्रतिनिधिमंडल को दी गई।

प्रतिनिधिमंडल को टेलीमेडिसिन के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों को दूरस्थ मरीजों से जोड़ने की संभावनाओं से भी अवगत कराया गया। इससे उत्तराखंड के ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को लाभ मिल सकता है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों तक पहुंच में भौगोलिक बाधाएं आती हैं।

दौरे का उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों और व्यवस्थाओं को समझना तथा उनके संभावित उपयोग की जानकारी हासिल करना था। ईएसआईसी सनथ नगर की पहल उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों में डिजिटल हेल्थ, टेलीमेडिसिन और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए एक उपयोगी मॉडल बन सकती है।

उन्होंने बताया कि तेलंगाना में ईएसआईसी का नेटवर्क सभी 33 जिलों में फैला है। राज्य में चार ईएसआईएस अस्पताल, 70 औषधालय, आठ शाखा कार्यालय और 10 डिस्पेंसरी-कम-ब्रांच ऑफिस संचालित हैं। ईएसआई योजना के तहत 20.47 लाख से अधिक बीमित व्यक्तियों और 74.32 लाख से अधिक लाभार्थियों को स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल रहा है।

सनथ नगर परिसर में 800 बेड का ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तथा 244 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शामिल है। परिसर में 159 आईसीयू बेड, 45 डायलिसिस बेड, 10 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और पांच उन्नत ओटी सूट हैं। कार्डियोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, ऑन्कोलॉजी, हेमेटोलॉजी, प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी और पीडियाट्रिक सर्जरी जैसी विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं। आपातकालीन सेवाएं 24 घंटे संचालित होती हैं।

अस्पताल में मरीजों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वार्षिक ओपीडी 2022 में 6,93,853 से बढ़कर 2025 में 9,80,925 हो गई। औसत दैनिक ओपीडी 2,354 से बढ़कर 3,248 मरीज पहुंच गई। इसी अवधि में वार्षिक दाखिले 78,086 से बढ़कर 95,037 और सर्जरी की संख्या 16,223 से बढ़कर 20,117 हो गई। वर्ष 2025 में बेड ऑक्यूपेंसी दर 85.6 प्रतिशत रही।

ईएसआईसी नेटवर्क में किडनी ट्रांसप्लांट का प्रमुख केंद्र:

सनथ नगर ईएसआईसी नेटवर्क में किडनी ट्रांसप्लांट की उन्नत सुविधा उपलब्ध कराने वाले प्रमुख केंद्रों में शामिल है। यहां जीवित-दाता और कैडवेरिक डोनर दोनों प्रकार के किडनी ट्रांसप्लांट किए जा रहे हैं। अस्पताल में एबीओ-असंगत किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा भी उपलब्ध है।

संस्थान ने 8 जून 2024 को पहला इन-हाउस कैडवेरिक ऑर्गन रिट्रीवल किया था। अब तक यहां 30 किडनी ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं, जिनमें 18 लाइव-डोनर ट्रांसप्लांट शामिल हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान हीमोडायलिसिस सुविधा से 59,868 बीमित मरीज लाभान्वित हुए।

16.7 लाख से अधिक जांच, कैंसर निदान को भी मजबूती:

अस्पताल की पैथोलॉजी प्रयोगशाला एनएबीएल एंट्री-लेवल टर्शियरी-केयर डायग्नोस्टिक लैब के रूप में कार्य कर रही है। यहां 162 प्रकार की जांच और आठ विशेषज्ञता वर्गों में 90 से अधिक इम्युनोहिस्टोकैमिस्ट्री एवं मॉलिक्यूलर मार्कर की सुविधा उपलब्ध है। वर्ष 2025-26 में प्रयोगशाला में 16.7 लाख से अधिक जांचें की गईं।

सनथ नगर परिसर में स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। रेडियोलॉजिकल इमेजिंग के लिए पिक्चर आर्काइविंग एंड कम्युनिकेशन सिस्टम, ई-आईसीयू, ऑक्सीजन एवं वैक्यूम पाइपलाइन की रीयल-टाइम निगरानी, केंद्रीय सूचना प्रणाली डैशबोर्ड और रीयल-टाइम ऑनलाइन सैंपल कलेक्शन जैसी व्यवस्थाएं लागू हैं।

इसके अलावा एएए+ ऐप आधारित ओपीडी, ऑनलाइन परामर्श, होम ड्रग डिलीवरी, होम सैंपल कलेक्शन, धनवंतरी मॉड्यूल, 100 प्रतिशत ई-ऑफिस और ओपीडी में लैन कनेक्टिविटी जैसी डिजिटल पहलें मरीजों के लिए सेवाओं को अधिक सुलभ बना रही हैं। 5जी-सक्षम एंबुलेंस सेवा को भी संस्थान की डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण पहल बताया गया।

ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज, सनथ नगर में 150 एमबीबीएस सीटों के अलावा 106 एमडी/एमएस, 15 एम.ची., 12 डीएनबी और विभिन्न एफएनबी कार्यक्रम संचालित हैं। एलाइड हेल्थ साइंसेज के विभिन्न पाठ्यक्रमों में 72 सीटें उपलब्ध हैं। इससे संस्थान उपचार के साथ चिकित्सा शिक्षा और विशेषज्ञ चिकित्सकों के प्रशिक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

डॉ. जया कुंदन गेडाम, डॉ. रत्ना गोसाईं, डॉ. जी. लक्ष्मी प्रसाद और डॉ. जी. तिरुपति ने प्रतिनिधिमंडल को विभिन्न लैब और शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी दी। इसके बाद पत्रकारों ने अस्पताल की प्रयोगशालाओं और अन्य उन्नत चिकित्सा सुविधाओं का निरीक्षण किया।

2019 से लगातार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला ईएसआईसी अस्पताल

ईएसआईसी के अनुसार, सनथ नगर के मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तथा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को 2019 से लगातार 500 से अधिक बेड वाली श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ईएसआईसी अस्पताल के रूप में मान्यता मिलती रही है।

दौरे के दौरान पत्रकारों को ईएसआईसी की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था, कर्मचारी राज्य बीमा योजना के तहत उपलब्ध सुविधाओं, उन्नत चिकित्सा उपचार, चिकित्सा शिक्षा और डिजिटल हेल्थ सेवाओं को करीब से समझने का अवसर मिला।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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