तरजीही दर की पेशकश के बाद ही अमेरिका के साथ व्यापार करार को अंतिम रूप देंगे: पीयूष गोयल

03 Sep 2026 18:15:53
मुक्त व्यापार समझौतों पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते पीयूष गोयल


मुक्त व्यापार समझौतों पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते पीयूष गोयल


मुक्त व्यापार समझौतों पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते पीयूष गोयल


कहा-अमेरिका से प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले तरजीही दर की पेशकश पर ही बीटीए को अंतिम रूप देंगे

नई दिल्ली, 03 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) का अंतिम प्रारूप तभी घोषित किया जाएगा, जब भारत के प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले अमेरिका तरजीही शर्तों की पेशकश करेगा, जिनसे भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी मैन्युफैक्चरिंग देशों के मुकाबले स्पष्ट बढ़त मिल सके।

गोयल वाणिज्य मंत्रालय द्वारा आयोजित मुक्त व्यापार समझौतों पर आयोजित एक कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा, “न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौता जल्द ही लागू होगा और उसके बाद 27 देशों के समूह यूरोपीय संघ के साथ एफटीए भी लागू होगा। उन्होंने आगे कहा कि जैसे ही अमेरिका हमारे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में हमें तरजीही दर देने में सक्षम होगा, हम बीटीए को अंतिम रूप देंगे और इसका अंतिम प्रारूप घोषित करेंगे।”

उन्होंने कहा कि भारत के नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) ऐसे देशों के साथ हैं, जिनका कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) लगभग 60 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर है। वाणिज्य मंत्री ने कहा कि ये समझौते वैश्विक व्यापार के करीब दो-तिहाई हिस्से तक तरजीही पहुंच उपलब्ध कराएंगे।

गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) का अंतिम प्रारूप तभी घोषित किया जाएगा, जब भारत के प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले अमेरिका तरजीही शर्तों की पेशकश करेगा। उन्होंने कहा कि भारत अगले कुछ महीनों और दो-तीन वर्षों में कनाडा, मेक्सिको, चिली, मर्कोसुर, एसएसीयू (दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ), जीसीसी (खाड़ी सहयोग परिषद) और इजराइल के साथ भी एफटीए करेगा। मंत्री ने कहा कि भारत…ब्रिटेन, मॉरीशस, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौते लागू कर चुका है।

वाणिज्य मंत्री ने बताया कि इसके साथ ही आसियान, दक्षिण कोरिया और जापान के साथ मौजूदा व्यापार समझौतों की समीक्षा के प्रयासों से भारत को वैश्विक व्यापार के 75 प्रतिशत हिस्से तक अपने प्रतिस्पर्धियों से कम दर पर पहुंच मिलेगी।

गोयल सितंबर के अंत में अमेरिका की यात्रा करेंगे। वह मिल्वॉकी (अमेरिकी राज्य विस्कॉन्सिन का शहर) में जी-20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक में शामिल होने के साथ अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे। इस बातचीत में व्यापार समझौते से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से शामिल होंगे।

श्रीलंका, बांग्लादेश, थाइलैंड, कंबोडिया, वियतनाम, इंडोनेशिया और मलेशिया समेत कई देश अमेरिकी बाजार में भारत के प्रमुख प्रतिस्पर्धी हैं। इन देशों की तुलना में शुल्क में मिलने वाला लाभ अमेरिकी बाजार में भारतीय वस्तुओं को कीमत के मामले में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा। भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में अमेरिका को करीब 87 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की वस्तुओं का निर्यात किया है।

उल्लेखनीय है कि भारत और अमेरिका ने फरवरी में समझौते के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी, लेकिन अमेरिका में शुल्क व्यवस्था में बदलाव के कारण दोनों देशों के बीच इस समझौते पर आगे बातचीत हो रही है। इस बीच अमेरिका ने 24 जुलाई से भारत समेत कई देशों के उत्पादों पर अतिरिक्त 10 फीसदी शुल्क लगाया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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