डीडीसीए ने एमसीसी के नए क्रिकेट नियमों पर कार्यशाला आयोजित की, लॉन्च हुआ लॉज ऑफ क्रिकेट ऐप

30 Sep 2026 18:18:53
डीडीसीए ने दिल्ली में एमसीसी के नए क्रिकेट नियमों पर कार्यशाला आयोजित की


नई दिल्ली, 30 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) ने 1 अक्टूबर से लागू होने वाले क्रिकेट के नए नियमों को लेकर बुधवार को दिल्ली में विशेष एमसीसी लॉज ऑफ क्रिकेट कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में डीडीसीए के अंपायरों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

क्रिकेट के नियमों की संरक्षक संस्था मेरीलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) की ओर से आयोजित सत्र का नेतृत्व एमसीसी के हेड ऑफ क्रिकेट फ्रेजर स्टीवर्ट और जॉनी सिंगर ने किया। कार्यशाला में नए नियमों में किए गए बदलावों की जानकारी दी गई। अंपायरों को व्यावहारिक वीडियो उदाहरणों के जरिए नए नियमों के मैदान पर इस्तेमाल को समझाया गया और सवाल-जवाब सत्र भी हुआ।

कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण एमसीसी लॉज ऑफ क्रिकेट ऐप का हिंदी संस्करण लॉन्च किया जाना रहा। ऐप अब हिंदी, उर्दू, बांग्ला, कन्नड़ समेत कई भाषाओं में उपलब्ध है। इससे भारत में अंपायरों, क्रिकेट अधिकारियों, खिलाड़ियों, प्रशंसकों और दर्शकों के लिए क्रिकेट के नियमों को समझना और अधिक आसान होगा।

डीडीसीए अध्यक्ष रोहन जेटली ने कहा, क्रिकेट के नियम इस खेल के संचालन और अंपायरिंग की बुनियाद हैं। 1 अक्टूबर से नए बदलाव लागू होने जा रहे हैं, ऐसे में हमारे अंपायरों के लिए इन बदलावों और उनके व्यावहारिक इस्तेमाल को स्पष्ट रूप से समझना महत्वपूर्ण है। डीडीसीए में हम दिल्ली में एमसीसी की मेजबानी करके और अपने अंपायरों को फ्रेजर स्टीवर्ट तथा जॉनी सिंगर के साथ सीधे संवाद का अवसर देकर बेहद खुश हैं। एमसीसी लॉज ऑफ क्रिकेट ऐप का हिंदी में उपलब्ध होना भी देश के व्यापक क्रिकेट समुदाय के लिए नियमों को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में स्वागत योग्य कदम है।

एमसीसी के हेड ऑफ क्रिकेट फ्रेजर स्टीवर्ट ने कहा, 1 अक्टूबर से नए नियम लागू होने से पहले दिल्ली आकर डीडीसीए के अंपायरों के साथ बातचीत करके हमें खुशी हुई। सत्र का व्यावहारिक स्वरूप काफी उपयोगी रहा, जिसमें हमने बदलावों और मैदान पर उनके इस्तेमाल पर चर्चा की। हमें एमसीसी लॉज ऑफ क्रिकेट ऐप को हिंदी में लॉन्च करने की भी खुशी है। इससे भारत में इस खेल को देखने और पसंद करने वाले लोगों के लिए नियम अधिक व्यापक रूप से उपलब्ध होंगे।

डीडीसीए के निदेशक श्याम शर्मा ने कहा, डीडीसीए अध्यक्ष रोहन जेटली के सहयोग के लिए हम उनके आभारी हैं, जिन्होंने एमसीसी की इस पहल को दिल्ली लाने में समर्थन दिया। एमसीसी टीम की मेजबानी हमारे अंपायरों के लिए बेहद लाभदायक है, क्योंकि इससे उन्हें क्रिकेट के नियमों की बेहतर समझ विकसित करने और वैश्विक मानकों के अनुरूप खुद को तैयार करने का अवसर मिलता है। दिल्ली क्रिकेट में अंपायरिंग के स्तर को मजबूत करने के लिए हम आईसीसी, बीसीसीआई और अन्य बोर्डों के साथ ऐसी पहलों को आगे भी जारी रखेंगे।

नए नियमों में प्रमुख बदलाव

महिला और जूनियर क्रिकेट के उपकरणों का मानकीकरण: क्रिकेट गेंदों के आकार और वजन की सीमा को अधिक स्पष्ट किया गया है। गेंदों के लिए आकार 1, 2 और 3 की मानकीकृत श्रेणियां तय की गई हैं।

लैमिनेटेड टाइप-डी बल्ले की अनुमति: संबंधित क्रिकेट संस्था के नियमों के अधीन अधिकांश वयस्क और ओपन-एज क्रिकेट में टाइप-डी लैमिनेटेड बल्लों के इस्तेमाल की अनुमति होगी।

दिन का आखिरी ओवर पूरा करना होगा: यदि खेलने की परिस्थितियां उपयुक्त रहती हैं, तो दिन का अंतिम ओवर विकेट गिरने के बावजूद पूरा किया जाएगा।

रनिंग और बाउंड्री कैच के नियमों में स्पष्टता: बल्लेबाज जानबूझकर शॉर्ट रन नहीं लेने की स्थिति में बिना दंड के रन छोड़ सकता है। वहीं बाउंड्री पर कैच लेने की ‘बनी हॉप’ तकनीक को नियमों से हटा दिया गया है।

ओवरथ्रो, डेड बॉल और आउट होने के नियमों में स्पष्टता: नए नियमों में ओवरथ्रो की औपचारिक परिभाषा दी गई है और गेंद के ‘अंतिम रूप से स्थिर’ होने की स्थिति को स्पष्ट किया गया है। विकेटकीपर की स्थिति, हिट विकेट, रन आउट और स्टंपिंग से जुड़े नियमों को भी अधिक स्पष्ट किया गया है।

क्रिकेट के नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से आधिकारिक रूप से लागू होंगे। दिल्ली में आयोजित यह कार्यक्रम एमसीसी के भारत दौरे का हिस्सा है। इसके तहत अहमदाबाद, कोलकाता और बेंगलुरु में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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