
नई दिल्ली, 30 सितंबर (हि.स.)।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को नई दिल्ली में नेशनल कोस्टल मिशन (एनसीएम) 2.0 के क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। इस मिशन के तहत देश के तटीय क्षेत्रों को अधिक मजबूत, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर जोर दिया जाएगा।
एनसीएम 2.0 एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसके लिए 767 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। यह योजना 2030-31 तक देश के नौ तटीय राज्यों और चार केंद्रशासित प्रदेशों में लागू की जाएगी। इसके जरिए तटीय क्षेत्रों की जलवायु और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ ब्लू इकोनॉमी की संभावनाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
भूपेंद्र यादव ने कहा कि मिशन के तहत तटीय क्षेत्रों की कमजोरियों का आकलन, पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली, प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण, टिकाऊ पर्यटन और बेहतर स्थानिक योजना पर काम किया जाएगा। इसके अलावा शोध और क्षमता निर्माण को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज में मौजूद नीले चक्र को भारत की ब्लू इकोनॉमी की विशाल क्षमता का प्रतीक बताया है। इसी दृष्टिकोण के तहत एनसीएम 2.0 देश के तटीय क्षेत्रों के टिकाऊ विकास को गति देगा और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य में योगदान करेगा।
राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय
जारी दिशा-निर्देशों में मिशन को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए स्पष्ट व्यवस्था की गई है। इसमें विभिन्न सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय, केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, संस्थागत जिम्मेदारियों की स्पष्टता तथा निगरानी और जवाबदेही मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
मिशन के तहत तटीय राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ-साथ विभिन्न हितधारकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी