पीपीएफ समेत लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में 10वीं तिमाही में कोई बदलाव नहीं

युगवार्ता    30-Sep-2026
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छोटी बचत योजनाओं के लोगो का प्रतीकात्मक चित्र


छोटी बचत योजनाओं के जारी अधिसूचना  की  फोटो


नई दिल्ली, 30 सितंबर (हि.स.)। केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। ये लगातार दसवीं तिमाही है, जब सरकार ने लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।

वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जारी अधिसूचना में बताया कि सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही (1 अक्टूबर से 31 दिसंबर, 2026) के लिए सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और सुकन्या समृद्धि योजना समेत सभी लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।

अधिसूचना के अनुसार, ‘‘वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही एक अक्टूबर, 2026 से 31 दिसंबर, 2026 तक के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें वही रहेंगी, जो चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए अधिसूचित की गई थीं।’’ अधिसूचना में कहा गया है कि पीपीएफ और राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र जैसी विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर यथावत रहेगी।

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा पर 8.2 फीसदी की दर से ब्याज मिलता रहेगा, जबकि तीन साल की सावधि जमा पर ब्याज दर 7.1 फीसदी पर बरकरार रखी गई है। इसी तरह लोकप्रिय बचत योजना पीपीएफ पर ब्याज दर 7.1 फीसदी और डाकघर बचत जमा योजना पर दर 4 फीसदी पर स्थिर बनी रहेगी।

किसान विकास पत्र (केवीपी) पर ब्याज दर 7.5 फीसदी होगी और इसमें किया गया निवेश 115 महीनों में परिपक्व होगा। वहीं, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) पर जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए ब्याज दर 7.7 प्रतिशत पर बनी रहेगी। दूसरी तिमाही की तरह ही, डाकघर की मासिक आय योजना के निवेशकों को तीसरी तिमाही में 7.4 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा।

इसके साथ मुख्य रूप से डाकघरों और बैंकों के द्वारा संचालित छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में लगातार 10वीं तिमाही में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इन लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में केंद्र सरकार ने आखिरी बार वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में कुछ बदलाव किया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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