पेट्रोलियम (संशोधन) विधेयक, 2026 का मसौदा हितधारकों और सार्वजनिक सुझाव के लिए जारी

30 Sep 2026 15:04:53
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के लोगो का प्रतीकात्मक चित्र


नई दिल्ली, 30 सितंबर (हि.स.)। केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम (संशोधन) विधेयक, 2026 का मसौदा जनता की राय के लिए जारी किया है। इस मसौदे के साथ व्याख्यात्मक नोट साझा किया गया है, ताकि लोग इन संशोधनों को आसानी से समझ सकें और 30 अक्टूबर, 2026 तक अपनी प्रतिक्रिया या आपत्तियों को दर्ज करा सकें।

पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि विधायी पूर्व परामर्श के हिस्से के रूप में 'पेट्रोलियम (संशोधन) विधेयक, 2026' के मसौदा को हितधारकों और आम जनता के सुझावों के लिए जारी किया गया है। इसका उद्देश्य सभी हितधारकों से पूर्व-विधायी परामर्श के हिस्से के तौर पर टिप्पणियां और सुझाव मंगाना है।

मंत्रालय ने बताया कि पेट्रोलियम (संशोधन) विधेयक, 2026 का मसौदा और संशोधन के संक्षिप्त निरीक्षण की व्याख्यात्मक टिप्पणी, 30 सितंबर, 2026 को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर डाल दी गई है। इसे आप https://mopng.gov.in/files/Whatsnew/Draft-Amendment-to-the-Petroleum-Act.pdf पर देख सकते हैं।

मसौदे की मुख्य विशेषताएं

जुर्माना और दंड में बदलाव: पेट्रोलियम सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने, चोरी करने या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाले पहले अपराध के लिए पांच साल तक की जेल या 15 करोड़ रुपये तक का जुर्माना प्रस्तावित है। दूसरे या उसके बाद के अपराधों के लिए इसे बढ़ाकर 7 साल की जेल और 25 करोड़ रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि सभी हितधारकों और आम जनता से अनुरोध है कि वे इस मसौदा विधेयक पर अपनी टिप्पणियां/सुझाव, यदि कोई हों, तो अवर सचिव (वितरण), पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, कर्तव्य भवन-03, नई दिल्ली-110001 को भेजें या उन्हें sodist-png@gov.in और richa.86@nic.in पर ईमेल द्वारा या 30, अक्टूबर 2026 से पहले भेजें। परामर्श प्रक्रिया के दौरान मिले सुझावों की ठीक से जांच की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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