
नई दिल्ली, 30 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने केरल के वरिष्ठ प्रचारक एम.ए. कृष्णन के निधन की जानकारी दी है। उन्हें ‘एम.ए. सर’ के नाम से भी जाना जाता था। उन्होंने केरल में राष्ट्रवादी आंदोलन की प्रमुख पहचान बने ‘बालगोकुलम’ और ‘तपस्या’ की स्थापना की थी।
शोक संदेश में संघ की ओर से कहा गया है कि वे केरल संघ के शुरुआती स्तंभों में से एक थे और सबसे कठिन समय व चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में संगठन का काम खड़ा करने के लिए लगातार संघर्ष करते रहे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत एवं सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने संयुक्त बयान में कहा कि एम.ए. कृष्णन के निधन से संघ ने न केवल केरल के एक पूर्ण समर्पित और निष्ठावान वरिष्ठ प्रचारक को खो दिया है बल्कि एक बहुमुखी प्रतिभा वाले व्यक्ति को भी खो दिया है। उन्होंने ‘बालगोकुलम’ और ‘तपस्या’ की स्थापना की थी। ये दोनों संगठन केरल में राष्ट्रवादी आंदोलन की पहचान बन गए। हम उनके परिवार के सदस्यों, अनगिनत प्रशंसकों और एम.ए. सर से प्रेरित लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।
शोक संदेश में उन्होंने कहा, “केरलम संघ के शुरुआती स्तंभों में से एक होने के नाते, उन्होंने सबसे कठिन समय और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में कार्य को खड़ा करने के लिए लगातार संघर्ष किया। हम एम.ए. कृष्णन सर की स्मृति को सादर नमन करते हैं। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे दिवंगत आत्मा को सद्गति प्रदान करें।”
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा