मिलन प्रधान की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची राज्य सरकार, नंदीग्राम में दो कांग्रेस नेता हिरासत में

30 Sep 2026 13:28:53
मिलन प्रधान


कोलकाता, 30 सितंबर (हि.स.)। कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को दी गई अंतरिम जमानत के खिलाफ पश्चिम बंगाल सरकार ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीर्ष अदालत में इस फैसले को चुनौती देते हुए मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि प्रधान हत्या जैसे गंभीर मामले में आरोपित हैं और एक आम नागरिक की तरह ही उन पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, केवल चुनाव लड़ने के आधार पर उन्हें विशेष छूट नहीं दी जा सकती। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने गुरुवार को तत्काल सुनवाई की अपील को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सूची में पहले से ही कई मामले लंबित हैं, इसलिए अब इस याचिका पर आगामी सोमवार को सुनवाई होगी।

राज्य सरकार के इस कदम की कांग्रेस को पहले से ही आशंका थी, जिसके चलते कानूनी बचाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान ने बुधवार को ही उच्चतम न्यायालय में चार मामलों में कैविएट दाखिल कर दी। इस कैविएट का सीधा अर्थ यह है कि अब शीर्ष अदालत केवल राज्य सरकार की दलीलें सुनकर कोई एकतरफा आदेश पारित नहीं करेगी। अंतरिम जमानत को चुनौती देने वाली इस याचिका पर कोई भी फैसला सुनाने से पहले अदालत को कांग्रेस उम्मीदवार का पक्ष भी अनिवार्य रूप से सुनना होगा।

ज्ञात हो कि, मंगलवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने मिलन प्रधान को चुनाव लड़ने का अवसर देते हुए तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दी थी। अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज सभी छह मामलों में राहत देते हुए यह शर्त रखी थी कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होते ही उन्हें हल्दिया अदालत में आत्मसमर्पण करना होगा। इसके साथ ही, उन्हें प्रतिदिन सुबह साढ़े आठ और रात साढ़े नौ बजे संबंधित जांच अधिकारी को फोन कर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। प्रधान को 19 सितंबर को 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान दर्ज हत्या, हत्या के प्रयास और लूटपाट जैसे पुराने मामलों में गिरफ्तार किया गया था।

इस कानूनी खींचतान के बीच नंदीग्राम का जमीनी सियासी माहौल तब और ज्यादा गरमा गया जब बुधवार सुबह पुलिस ने कांग्रेस के दो प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया। मिलन प्रधान के पक्ष में चुनाव प्रचार करने पहुंचे समाज सेवक माणिक फकीर और मतुआ समुदाय के प्रमुख चेहरे सुकृति रंजन को नंदीग्राम के एक गेस्ट हाउस से पुलिस द्वारा उठा लिया गया। इन दोनों प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिए जाने से इलाके में भारी हलचल मच गई है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन्हें किस मामले या किस कारण से हिरासत में लिया गया है।

इस पुलिसिया कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए माणिक फकीर ने आरोप लगाया कि नंदीग्राम के लोग डरे हुए हैं और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी जानबूझकर पुलिस का इस्तेमाल करके उनका चुनाव प्रचार रोकना चाहते हैं। उन्होंने स्थानीय मतदाताओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह के दबाव में न आएं और मजबूती के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग करें। वहीं, सुकृति रंजन ने भी भाजपा पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें जनता के बीच जाने से रोकने के लिए ही यह सब किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि मंगलवार से ही उनके होटल के बाहर पुलिस की वैन तैनात कर दी गई थी और बुधवार को जैसे ही वे चुनाव प्रचार के लिए बाहर निकले, उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया गया।----------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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