
नई दिल्ली, 04 सितंबर (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी संकट और वैश्विक उथल-पुथल के बीच जीडीपी के बाद अब विदेशी मुद्रा भंडार ने नया रिकॉर्ड बनाया है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 28 अगस्त को समाप्त हफ्ते में 11.47 अरब डॉलर उछलकर 740.80 अरब डॉलर के नये सर्वकालिक रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में बताया कि इसके एक हफ्ते पहले देश का विदेशी मुद्रा भंडार 12.42 अरब डॉलर बढ़कर 729.39 अरब डॉलर रहा था, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड था। इससे पहले 27 फरवरी को समाप्त हफ्ते में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 728.49 अरब डॉलर के तत्कालीन सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन उसके बाद पश्चिम एशिया में जारी संकट और बढ़े तनाव के बीच कई सप्ताह तक इसमें गिरावट आई थी।
रिजर्व बैंक ने जून में रियायती विदेशी मुद्रा अदला-बदली (एफसीएनआर) पहल की घोषणा की थी, जिसके बाद से भंडार में लगातार वृद्धि हो रही है। स्थानीय मुद्रा में तेज गिरावट के बीच शुरू की गई इस पहल से 132 अरब डॉलर से अधिक का नया प्रवाह आया है। आंकड़ों के मुताबिक 28 अगस्त को समाप्त हफ्ते के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार का अहम घटक माने जाने वालीं विदेशी मुद्रा आस्तियां 9.34 अरब डॉलर की उछाल के साथ अब 600.67 अरब डॉलर हो गईं।
आरबीआई के अनुसार इस अवधि में स्वर्ण भंडार का मूल्य 2.19 अरब डॉलर बढ़कर 116.41 अरब डॉलर हो गया है। हालांकि, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 4.3 करोड़ डॉलर घटकर 18.81 अरब डॉलर रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के पास जमा भारत के कोष की स्थिति भी 1.1 करोड़ डॉलर घटकर 4.91 अरब डॉलर रह गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर