कोयला मंत्रालय ने 37,500 करोड़ रुपये की गैसीफिकेशन स्कीम में 'कोई खरीदार नहीं' वाली खबरों को खारिज किया

05 Sep 2026 19:50:53
कोयला मंत्रालय के जारी लोगो का प्रतीकात्मक चित्र


नई दिल्ली, 05 सितंबर (हि.स.)। कोयला मंत्रालय ने 37,500 करोड़ रुपये की कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण प्रोत्साहन योजना के तहत आवेदन न मिलने की मीडिया की उन रिपोर्टों को खारिज किया है, जिनमें यह कहा गया है कि सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण प्रोत्साहन योजना को कोई आवेदन नहीं मिला है।

कोयला मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में स्पष्ट किया है कि 37,500 करोड़ रुपये की सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण प्रोत्साहन योजना को कोई आवेदन नहीं मिलने की खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत और समय से पहले की गई आकलन हैं। पहले चरण के लिए आवेदन की प्रक्रिया 7 तक खुली है और आवेदन की संख्या का आकलन अंतिम तिथि के बाद ही किया जा सकता है।

मंत्रालय ने मीडिया के एक वर्ग में प्रकाशित उन रिपोर्टों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अधिकृत रिकॉर्ड से ये स्पष्ट करना चाहता है कि ऐसी रिपोर्टें समय से पहले प्रकाशित की गई हैं। ये योजना की स्थिति या आवेदन प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाती हैं। आवेदन जमा करने की पहली अवधि की अंतिम तिथि 7 सितंबर है। इसलिए आवेदन प्रक्रिया बंद होने तक पहली अवधि में प्राप्त आवेदनों की संख्या का आकलन नहीं किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि मंत्रालय को इस योजना में उद्योग जगत की अच्छी भागीदारी का पूरा भरोसा है। इस पहल से करीब 25 परियोजनाओं में 2.5 लाख करोड़ रुपये से 3 लाख करोड़ रुपये तक का निवेश होने की उम्मीद है और लगभग 50 हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह योजना 2030 तक 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण क्षमता हासिल करने के भारत सरकार के व्यापक लक्ष्य में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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