सत्य निकेतन हादसा: कांग्रेस नेताओं ने छात्रों की सुरक्षा पर उठाए सवाल

06 Sep 2026 18:55:53
सत्य निकेतन में इमारत ढहने के बाद घटनास्थल पर पहुंचे कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लेते और सहयोग करते हुए।


सत्य निकेतन में इमारत ढहने के बाद घटनास्थल पर पहुंचे कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लेते और सहयोग करते हुए।


नई दिल्ली, 06 सितंबर (हि.स.)। दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर स्थित सत्य निकेतन में पीजी की इमारत ढहने की घटना को लेकर कांग्रेस नेताओं ने दुख जताते हुए छात्रों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार तथा संबंधित एजेंसियों से जवाबदेही तय करने की मांग की। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर कहा कि दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत का गिरना एक बेहद दुखद है। यह ऐसी घटना है जिसे रोका जा सकता था। मलबे में विश्वविद्यालय के छात्रों के फंसे होने की खबरें बहुत चिंताजनक हैं। फंसे हुए लोगों को बचाने और घायलों का बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कोशिश की जानी चाहिए।

दीपेंद्र हुड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा कि सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना बेहद चिंताजनक है। इमारत में रहने वाले अधिकतर छात्र थे और मलबे में लोगों के दबे होने की सूचना से वह विचलित हैं। उन्होंने हरियाणा और दिल्ली विश्वविद्यालय की एनएसयूआई टीम के साथ मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग किया।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हादसे को बेहद दर्दनाक बताया। उन्होंने एनडीआरएफ, दिल्ली अग्निशमन सेवा और अन्य बचाव दलों से हरसंभव प्रयास कर मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने तथा घायलों को तत्काल बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की अपील की। राहुल गांधी ने विश्वविद्यालयों में छात्रावासों की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अच्छे हॉस्टल नहीं होने के कारण छात्र पीजी में बड़ी संख्या में रहने को मजबूर हैं।

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सांसद कुमारी सैलजा ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि इमारत में बड़ी संख्या में छात्र रहते थे और कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की जानकारी सामने आ रही है। उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों से बिना देरी राहत एवं बचाव कार्य तेज करने की मांग की।

राज्यसभा सदस्य राजीव शुक्ला ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए मलबे में छात्रों के फंसे होने की आशंका पर चिंता जताई। उन्होंने प्रभावित लोगों और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सभी के सुरक्षित बचाव की कामना की।

वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हादसे से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिल्ली विश्वविद्यालय के एसआरसीसी में छात्रों से जुड़े कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उन्होंने पूछा कि भवन सुरक्षा ऑडिट ऐसे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में क्यों विफल रहे, जिन्हें सरकारी संरक्षण की सबसे अधिक जरूरत है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर

Powered By Sangraha 9.0