मप्र में सिंहस्थ के दौरान चलेंगी 125 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें, एआई कैमरों से होगी यात्रियों की निगरानी

06 Sep 2026 16:56:53
जानकारी देते हुए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार


इंदौर पहुंचे रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार


- रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने की तैयारियों और विकास कार्यों की समीक्षा

भोपाल/इंदौर, 06 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में होने वाले सिंहस्थ-2028 के लिए रेलवे ने यात्री परिवहन और सुरक्षा की तैयारियां अभी से तेज कर दी हैं। देशभर से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को देखते हुए रेलवे 125 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना पर काम कर रहा है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने रविवार को इंदौर पहुंचकर तैयारियों और विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की।

चेयरमैन कुमार ने कहा कि सिंहस्थ के दौरान यात्रियों की संख्या को देखते हुए पर्याप्त ट्रेनों का इंतजाम किया जाएगा। इस दौरान 125 से अधिक ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रेलवे की कोशिश रहेगी कि श्रद्धालुओं को सुविधाजनक यात्रा के साथ अतिरिक्त किराए का बोझ न उठाना पड़े। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ की भीड़ को देखते हुए इंदौर और आसपास के शहरों के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इंदौर से अलग-अलग शहरों के लिए वर्तमान में चल रही कुछ स्पेशल ट्रेनों को नियमित करने की मांग पर रेलवे प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। उनका कहना है कि यदि इन ट्रेनों को नियमित किया जाता है तो इंदौर के यात्रियों को स्थायी रेल कनेक्टिविटी मिलने के साथ सिंहस्थ के दौरान अतिरिक्त यात्री दबाव संभालने में भी मदद मिल सकती है।

इंदौर स्टेशन के रीडेवलपमेंट की भी समीक्षा

चेयरमैन ने इंदौर रेलवे स्टेशन, शास्त्री ब्रिज और आसपास चल रहे रेलवे विकास कार्यों का मौके पर निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन रीडेवलपमेंट, यात्री सुविधाओं और इंदौर से जुड़े प्रमुख रेल प्रोजेक्ट्स की प्रगति की जानकारी अधिकारियों से ली। उन्होंने इंदौर-मनमाड़, इंदौर-खंडवा और इंदौर-उज्जैन रेल सेक्शन के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने जून 2025 में भी इंदौर स्टेशन का रिव्यू किया था। उस समय की तुलना में अब स्टेशन के विकास कार्यों में काफी बदलाव आया है। आगे यात्रियों को और बेहतर सुविधाएं देने के लिए क्या-क्या व्यवस्थाएं की जा सकती हैं, इस पर भी चर्चा की जाएगी। स्टेशन विकास की रूपरेखा जनरल मैनेजर और उनकी टीम के साथ साझा की गई है। इसे रेलवे बोर्ड के स्तर पर भी प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि जरूरी फैसले लेकर काम को गति दी जा सके।

रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने शास्त्री ब्रिज का निरीक्षण भी किया। उन्होंने ब्रिज पर वर्तमान यातायात और आने वाले समय में बढ़ने वाले दबाव को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिस मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है, वहां निर्माण के दौरान वैकल्पिक यातायात व्यवस्था जरूरी होगी। नए एलाइनमेंट को लेकर मिले सुझावों पर रेलवे विचार कर रहा है। नए शास्त्री रेलवे ओवरब्रिज के शुरुआती काम को जल्द शुरू करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

स्टेशन पर एआई कैमरे, चेहरे की पहचान से रहेगी संदिग्धों पर नजर

रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक के जरिए मजबूत करने की तैयारी है। इसके तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों से स्टेशन परिसर में गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी। नई तकनीक वाले कैमरों में चेहरा पहचानने और स्कैन करने जैसी सुविधाएं भी होंगी। इससे संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा एजेंसियों को समय रहते अलर्ट करने में मदद मिल सकती है।

रेलवे परिसरों और ट्रेनों में चूहों की समस्या को लेकर भी चेयरमैन ने अधिकारियों से जानकारी ली। मौजूदा स्थिति को देखते हुए पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

सिंहस्थ के दौरान इंदौर से उज्जैन आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी की संभावना है। ऐसे में इंदौर-उज्जैन रेल सेक्शन की क्षमता और संचालन व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। इसके साथ ही इंदौर-मनमाड़ और इंदौर-खंडवा रेल परियोजनाओं की गति बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। रेलवे की योजना सिंहस्थ के दौरान बढ़ने वाले यात्री दबाव को केवल अतिरिक्त ट्रेनों के जरिए ही नहीं, बल्कि इन्फ्रास्ट्रक्चर, नियमित कनेक्टिविटी और सुरक्षा तकनीक के जरिए भी संभालने की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत

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