चिकित्सा क्षेत्र में परीक्षण उपकरणों का सौ फीसदी खर्च उठाएगी सरकार: पीयूष गोयल

07 Sep 2026 18:09:53
दवा उद्योग से जुड़े दो कार्यक्रमों को संबोधित करते पीयूष गोयल


दवा उद्योग से जुड़े दो कार्यक्रमों को संबोधित करते पीयूष गोयल


नई दिल्ली, 07 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को वैश्विक ग्राहकों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले चिकित्सा उपकरण विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार परीक्षण उपकरणों की खरीद के लिए 100 फीसदी धन उपलब्ध कराने को तैयार है।

पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में दवा उद्योग से जुड़े दो कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि घरेलू कंपनियों को प्रौद्योगिकी साझेदारी करनी चाहिए, संयुक्त उद्यमों को बढ़ावा देना चाहिए तथा वैश्विक नवोन्मेषकों और बड़ी दवा कंपनियों को भारत आने के लिए आमंत्रित करना चाहिए।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में फार्मा मैकटेक और लैबनेक्स्ट एक्सपो 2026 और भारत हेल्थ ग्लोबल एक्सपो 2026 में संजीवनी 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पहली प्राथमिकता देखभाल करने वालों को प्रशिक्षित और प्रमाणित करना तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों की स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में सक्षम कुशल कार्यबल विकसित करना होना चाहिए।

गोयल ने कहा, ‘‘हमें उच्च गुणवत्ता के साथ अपनी घरेलू क्षमताओं को मजबूत कर महत्वपूर्ण कलपुर्जों का परिवेश तैयार करना चाहिए। हमें साझा परीक्षण बुनियादी ढांचा सुविधाएं बनानी चाहिए, जहां इन उपकरणों का परीक्षण और मूल्यांकन किया जा सके, उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मानकों के अनुरूप परखा जा सके और वैश्विक ग्राहकों के लिए प्रमाणित तथा प्रदर्शित किया जा सके।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के माध्यम से हम आपके उपकरणों के लिए सर्वश्रेष्ठ परीक्षण उपकरणों की लागत का सौ फीसदी वहन करने को तैयार हैं। केंद्र सरकार परीक्षण उपकरणों की खरीद के लिए सौ फीसदी धन देगी। आप हमसे मांग करें, आपकी ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आया है। हम सबसे आधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित करेंगे।’’

गोयल ने अपने संबोधन में डिजाइन, कॉपीराइट, पेटेंट कानूनों और बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) व्यवस्था में सुधार की भी जरूरत बताई, ताकि दुनियाभर के लोग भारत की ओर आकर्षित हों और देश नवोन्मेष का वैश्विक केंद्र बन सके। उन्होंने कहा कि भारत को लागत के मामले में बड़ा लाभ हासिल है। गोयल ने कहा, ‘‘हमें प्रौद्योगिकी साझेदारी करनी चाहिए, हमें खरीदारों और विक्रेताओं के बीच बेहतर संबंध बनाने चाहिए और संयुक्त उद्यमों को बढ़ावा देना चाहिए। जहां जरूरत हो, वहां मिलकर डिजाइन और विकास करना चाहिए तथा अन्य देशों के साथ संयुक्त अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्थापित करने की संभावनाएं तलाशनी चाहिए।’’

केंद्रीय मंत्री ने बीमा कंपनियों और स्वास्थ्य-प्रौद्योगिकी कंपनियों से ऐसे उत्पाद और मंच विकसित करने को कहा, जिससे मरीजों के लिए इलाज की प्रक्रिया अधिक सुगम हो और उन्हें समय पर भुगतान मिल सके। उन्होंने उद्योग जगत से देखभाल करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित और प्रमाणित करने तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं देने में सक्षम कुशल कार्यबल को तैयार करने का भी आह्वान किया।

गोयल ने कहा, ‘‘पिछले सात वर्षों में भारत के चिकित्सा मूल्य पर्यटन से जुड़े तंत्र से 35 लाख मरीज लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि देश का लक्ष्य हर साल एक करोड़ मरीजों को सेवाएं देने का होना चाहिए।’’

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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